जुर्माना, बेज्जती और ‘नगर शत्रु’! पटना में खुले में थूका तो टीवी पर दिखेगी फोटो... फैसले पर विपक्ष की प्रतिक्रिया
पटना को साफ-सुथरा बनाने की खातिर पटना नगर निगम द्वारा जुर्माना लगाकर सख्ती की जा रही है. सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की आदत के कारण अब फजीहत तो होगी ही, साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ेगा.

BIHAR (PATNA): पटना में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर थूकना और किसी भी तरह की गंदगी फैलाना अब भारी पड़ सकती है. नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर थूकने पर ₹500 जुर्माना की घोषणा की है. पटना नगर निगम के ताजा फैसले के मुताबिक किसी भी सार्वजनिक स्थान, सड़क पर थूकते, गंदगी फैलाते देखे जाने पर ₹500 जुर्माना भरना होगा. साथ ही ऐसा करने वाले को नगर शत्रु का दर्जा दिया जाएगा और उनकी तस्वीर पटना के चौक-चौराहों पर मौजूद बड़े एलइडी डिस्प्ले पर दिखाई जाएगी.

सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और गंदगी फैलाने वालों को नगर शत्रु करार दिए जाने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है. सत्ता पक्ष इसे लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता फैलाने वाला सार्थक कदम करार दे रहा है, तो वहीं विपक्ष का कहना है कि पहले नगर निगम को नरक निगम बनाने वाले अधिकारियों और मेयर पर कार्रवाई होनी चाहिए. पहले सड़कों पर फैला कूड़ा हटाया जाना चाहिए. उसके बाद आम आदमी पर किसी तरह की कोई कार्रवाई की बात सोचनी चाहिए. यह आम आदमी को परेशान करने वाला फैसला है.
‘लोग जवाबदेह होंगे और शहर साफ-सुथरा दिखेगा’
भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले का स्वागत किया है. पार्टी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर निगम के इस कदम से लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता फैलेगी, लोग जवाबदेह होंगे और पटना शहर साफ सुथरा दिखेगा. यह बेहद जरूरी कदम था.
‘पहले नगर निगम के अधिकारियों और मेयर पर हो कार्रवाई’
वहीं राष्ट्रीय जनता दल को इस निर्णय में राजनीति नजर आ रही है. राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद कह रहे हैं कि नगर निगम ने पटना को नरक निगम बना दिया. कूड़े का अंबार हर जगह फैला रहता है. इसके लिए तो संबंधित अधिकारी और मेयर पर कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं होगा. आम आदमी को थूकने पर परेशान किया जाएगा. ₹500 का जुर्माना ठोका जाएगा. यह उचित नहीं है.
नगर निगम की यह पहल निश्चित तौर पर पटना को स्मार्ट पटना बनाने की दिशा में एक कारगर कदम है. लेकिन विपक्ष को इसमें बुराई दिखती है. विपक्ष इसका विरोध कर रहा है. जो इस बात का सबूत है कि सत्ता से बाहर रहते हुए कहीं ना कहीं विपक्ष आम लोगों के बहाने पटना को स्मार्ट पटना बनते देखना नहीं चाहता.
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई सामने
इस पूरे मामले पर जब नक्षत्र न्यूज की टीम ने पटना शहर के सड़क और सार्वजनिक स्थान पर लोगों से बातचीत की तो उनकी मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई. कुछ लोगों ने कहा कि नियम सही है, लेकिन पटना नगर निगम को पहले व्यवस्था करनी चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखना सभी की जिम्मेदारी है. तो कई ने फैसले को सराहनीय बताया.









