नालंदा में फार्मर रजिस्ट्री से फर्जीवाड़े का खुलासा, फर्जी किसानों पर गिरेगी गाज !
नालंदा में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि उत्तरनामा पंचायत में हुए फार्मर रजिस्ट्री में कई फर्जी लाभुकों का पर्दाफाश हुआ है. हालांकि इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए व्यवस्था लागू कर दी गई है.

BIHAR (NALANDA): नालंदा जिले में फार्मर रजिस्ट्री से एक तरफ जहां किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का उम्मीद जगी है. वहीं इससे फर्जीवाड़े का भी खुलासा हो रहा है. दरअसल राज्य सरकार के निर्देश पर नालंदा जिले की सभी पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री शिविर का आयोजन युद्धस्तर पर किया जा रहा है. कुंदन कुमार एवं जिला कृषि विभाग के अधिकारी लगातार पंचायतों का भ्रमण कर रजिस्ट्रेशन कार्य की निगरानी कर रहे हैं. इसी क्रम में उत्तरनामा पंचायत में भी फार्मर रजिस्ट्री शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसानों का पंजीकरण किया गया. इस दौरान कई फर्जी लाभुकों का भी खुलासा हुआ. जिसके बाद फर्जी किसानों पर गाज गिरना तय है.

‘किसानों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ’
पंचायत मुखिया सरयुग प्रसाद सिन्हा ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को डिजिटल पहचान दी जा रही है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके. किसान सलाहकार कुमारी नूतन सिन्हा ने बताया कि पहले ई-केवाईसी की जाती है, उसके बाद फार्मर आईडी बनाई जाती है. इससे एमएसपी पर फसल बिक्री, फसल क्षति मुआवजा तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ निर्बाध रूप से मिलेगा.

‘फर्जीवाड़े को रोकने के लिए व्यवस्था लागू’
उन्होंने बताया कि पहले फर्जी किसानों द्वारा योजना का लाभ लिया जा रहा था, जिसे रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. हालांकि पासवर्ड और लिंक फेल जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिनके समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल जिले में 1,74,785 किसान पीएम किसान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं.









