अवैध खनन मामले में पैनम कोल माइंस के खिलाफ दाखिल PIL पर झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
पैनम कोल माइंस के खिलाफ दर्ज PIL (Public interest litigation) पर आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट में पंजाब पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन की तरफ से जवाब दाखिल किया गया.

Ranchi: अवैध खनन मामले में CBI जांच और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग को लेकर पैनम कोल माइंस के खिलाफ दर्ज PIL (Public interest litigation) पर आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट में पंजाब पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन की तरफ से जवाब दाखिल किया गया.
20 जनवरी 2026 को होगी अगली सुनवाई
मामले में सुनवाई के दौरान पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए बताया कि पैनम कोल द्वारा गंभीर गड़बड़ियां और नियमों का उल्लंघन किया गया है. वहीं, पैनम की तरफ से अपना पक्ष रख रहे अधिवक्ता ने आरोपों का जवाब देने के लिए कोर्ट से समय मांगा. जिसे कोर्ट ने स्वीकारा और मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी 2026 (मंगलवार) की तिथि निर्धारित की है.
अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने दाखिल की है जनहित याचिका
आपको बता दें, मामले में पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि पंजाब पवार ग्रिड कॉर्पोरेशन यह बताए कि उसकी कितनी प्रॉपर्टी है और क्यों न उस संपत्ति को सीज कर बेच दिया जाए. कोर्ट ने अपने इस आदेश में कोई संशोधन नहीं किया है. मामले में अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है जिसपर आज मंगलवार (7 जनवरी 2026) को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई हुई.
पैनम कोल पर लीज से अधिक खनन करने का आरोप
अपनी जनहित याचिका में अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा साल 2015 में पैनम माइंस कंपनी को दुमका और पाकुड़ जिले में कोयला खनन के लिए लीज पर दिया था. इस दौरान पैनम कोल के साथ पंजाब पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन भी खनन कार्य में शामिल थी. खनन को लेकर पैनम कोल पर आरोप लगाया गया है उसने लीज से अधिक खनन किया है जिसे राज्य सरकार के करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचा है.
रिपोर्ट- यशवंत कुमार









