गिरिडीह में जमीन विवाद नहीं ले रहे थमने का नाम: दो पक्षों में फिर खूनी संघर्ष, 3 महिला समेत 9 घायल
"पंचों ने कहा कि जब तक मामले का निपटारा न हो जाए उक्त जमीन पर कोई भी पक्ष किसी प्रकार के कार्य नही करेंगे। फिर अचानक सोमर पंडित आदि ने जेसीबी लगाकर..."

JHARKHAND (GIRIDIH): गिरिडीह के बिरनी थाना इलाके के बेलाटांड़ गांव में गुरुवार शाम करीब 5 बजे जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया. जिसमें तीन महिलाओं समेत 7 लोग घायल हो गए।

घायलों की पहचान 40 वर्षीय बालेश्वर पंडित, 50 वर्षीय जीतन पंडित, गिरधारी पंडित (55), यशोदा देवी (45), माणिक पंडित (65), सेवली देवी (65) एवं 62 वर्षीय भिखनी मोसमात के रूप में हुई है।
जानकारी देते हुए बालेश्वर पंडित ने बताया कि सोमर पंडित, प्रयाग पंडित, तुलसी पंडित वगैरह के बीच खाता संख्या 29, प्लॉट संख्या 554 में जमीन विवाद को लेकर गुरुवार को ग्रामीण स्तर पर पंचायत भी हुई थी। जिसमें पंचों ने कहा कि जब तक मामले का निपटारा न हो जाए उक्त जमीन पर कोई भी पक्ष किसी प्रकार के कार्य नही करेंगे। फिर अचानक सोमर पंडित आदि ने जेसीबी लगाकर मिट्टी उठाना शुरु कर दिया। आगे उन्होंने कहा कि जब हमलोगों ने मना किया तो पूर्व से घात लगाए लगभग 20-25 की संख्या में मौजूद लोगों ने लाठी-डंडे, रॉड व ईंट-पत्थरों से वार करना शुरु कर दिया, जिससे हमलोग घायल हो गए. वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने भी एक-दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगाया.

स्थानीय लोगों द्वारा सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां घायलों का इलाज चिकित्सा प्रभारी डॉ साकिब जमाल की देखरेख में किया गया. इस दौरान सूचना पाकर बिरनी थाना एएसआई मृत्युंजय सिंह दल-बल के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली.
वही दूसरी घटना जिले के तिसरी थाना इलाके के भूराई में हुई. जमीन विवाद में एक पक्ष ने पहले दूसरे पक्ष के कई लोगों पर पहले मिर्ची का पाउडर डाला, फिर उन पर लाठी से हमला कर जख़्मी कर दिया. जिसमें अंजलि देवी और एक वृद्ध महिला को चोट लगी है. इस दौरान तिसरी थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे.
बताते चलें कि मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित रहने के बाद भी दूसरे पक्ष के दबंगों द्वारा जबरन कार्य किया जा रहा था, इसे रोकने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मिर्ची का पाउडर डाला और लाठी से पीट कर जख़्मी कर दिए गए.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू / आनंद कुमार / सदानद बरनवाल









