आईटी हब बनेगी Ranchi, HEC की 100 एकड़ जमीन पर बनेगा IT पार्क
एचईसी फेज-2 क्षेत्र में करीब 100 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क का निर्माण होगा. इसकी प्रक्रिया औपचारिक रुप से शुरू भी कर दी गई है. इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी एंव ई-गवर्नेंस विभाग ने निविदा भी जारी कर दी है.

Ranchi will become an IT hub: राजधानी रांची को आईटी हब बनाने की दिशा में झारखंड सरकार एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. बता दें, एचईसी फेज-2 क्षेत्र में करीब 100 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क का निर्माण होगा. इसकी प्रक्रिया औपचारिक रुप से शुरू भी कर दी गई है. इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी एंव ई-गवर्नेंस विभाग ने निविदा भी जारी कर दी है. जिसमें चयनित एजेंसी या कंसल्टेंट द्वारा आईटी पार्क का मास्टर प्लान और डीपीआर ( विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जाएगी.
आपको बता दें, आईटी पार्क निर्माण की इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और कहा है कि पार्क के निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न की जाए. उन्होंने कहा है कि राज्य के युवाओं को अब रोजगार की तलाश में हैदराबाद, बैंगलुरू, पुणे और अन्य शहरों की तरफ पलायन नहीं करना पड़ेगा. रांची में बड़ी आईटी और टेक कंपनियां आएंगी, जिससे युवा अपने ही शहर में वैश्विक स्तर पर काम कर पाएंगे.
राज्य के हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
सरकार द्वारा प्रस्तावित आईटी पार्क के जरिए झारखंड में आईटी सेक्टर का तेजी से विस्तार होगा. अनुमान है कि इस परियोजना से राज्य के करीब 10 हजार से ज्यादा युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा. जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को इस परियोजना का लाभ होगा. रांची में IT कंपनियों के आने से होटल, रियल एस्टेट, ट्रांसपोर्ट, रिटेल और अन्य कई सहायक क्षेत्रों में रोजगार के नए मौके उत्पन्न होंगे.
देश के सफल IT पार्कों के तर्ज पर होगा विकास
देश के सफल और प्रमुख आईटी हब्स की तर्ज पर रांची में बनने वाला आईटी पार्क को विकसित किया जाएगा. अंतर्राष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर सरकार मास्टर प्लान तैयार कर रही है. बता दें, देश में मौजूदा सफल आईटी पार्कों में भारत की सिलिकॉन वैली (कर्नाटक का बेंगलुरु, साइबराबाद (तेलंगाना का हैदराबाद), राजीव गांधी इंफोटेक पार्क हिंजेवाड़ी (महाराष्ट्र पुणे), टेक्नोपार्क (केरल का तिरुवनंतपुरम), सॉल्ट लेक सेक्टर-5 (पश्चिम बंगाल का कोलकाता), टीआईडीईएल पार्क (तमिलनाडु का चेन्नई), उत्तर प्रदेश-हरियाणा का नोएडा-गुरुग्राम शामिल हैं. रांची आईटी पार्क को इन्हीं प्रमुख सफल मॉडल्स से प्रेरणा लेकर विकसित किया जाएगा.
बड़ी टेक कंपनियों से सरकार का संपर्क
गूगल, विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस सहित कई बड़ी टेक कंपनियों से राज्य सरकार लगातार संपर्क में है. गूगल के प्रतिनिधियों ने हाल ही में आईटी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें आवश्यक सुझाव दिए थे. जिसके बाद अब उनके सुझावों के अनुरूप प्रस्तावित आईटी पार्क के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है. बता दें, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट करते हुए बताया है कि रांची में आईटी कंपनियों को वो सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो देश के बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद या गुरुग्राम शहरों में स्थित आईटी पार्कों में मिलती हैं.
आईटी पॉलिसी-2025 से निवेश को बढ़ावा
बता दें, राज्य सरकार ने हाल के दिनों ही आईटी पॉलिसी-2025 लागू की है.जिसके तहत आईटी और टेक कंपनियों को निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन, टैक्स में छूट, आसान नियम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है. जिससे झारखंड में निवेश का माहौल अधिक मजबूत होगा.
इधर, इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आईटी पार्क निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. मास्टर प्लान तैयार करने का काम प्रगतिशील है राज्य में निवेश को लेकर कई मल्टीनेशनल कंपनियां भी रुचि दिखा चुकी हैं.
रांची बनेगा पूर्वी भारत का नया आईटी केंद्र
आईटी पार्क के निर्माण होने से रांची शीघ्र ही पूर्वी भारत के एक प्रमुख आईटी केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा. जिसके बाद यह परियोजना न सिर्फ झारखंड के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाला स्थानीय रोजगार प्रदान करेगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति में लेकर आगे चलेगी. वहीं इस परियोजना को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि रांची आने वाले सालों में टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और डिजिटल इनोवेशन का एक नया केंद्र बनेगा.









