'Operation Kanhaiya' सफल, Ranchi Police को 61 दिनों बाद कोडरमा से मिला मासूम
पिछले दो महीनों से चल रहे मासूम कन्हैया को लेकर तलाशी अभियान में रांची पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. 12 वर्षीय कन्हैया झारखंड के ओरमांझी का रहने वाला है, जहां से 22 नवंबर को उसे अगवा कर लिया गया था.

Jharkhand (Ranchi): पुलिस दो महीने से 12 साल के बच्चे कन्हैया को तलाशने में जुटी हुई थी. जिन्हें रविवार (18 जनवरी) को बड़ी सफलता मिली है, मासूम बच्चे को कोडरमा से बरामद कर लिया गया है. बच्चे के माता-पिता को रांची पुलिस ने एक तरह से जीने की नई ऊर्जा लौटाने का काम किया है. बता दें कि 22 नवंबर को ओरमांझी से कन्हैया कुमार को अगवा कर लिया गया था.
अंतरराज्यीय मानव तस्कर गिरोह का होगा भंडाफोड़
पुलिस को इस चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा. रांची पुलिस ने बच्चे को कोडरमा के चंदवारा इलाके से बरामद कर लिया है. इसके साथ ही अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने की उम्मीद भी जग चुकी है.
61 दिनों के इंतजार के बाद मिली सफलता
ओरमांझी के शंकर घाट (सिलदिरी) का रहने वाला 12 साल का कन्हैया पिछले साल 22 नवंबर की शाम को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था. रांची एसएसपी राकेश रंजन की सीधी निगरानी में बनी एसआईटी ने पिछले दो महीनों से दिन-रात एक कर रखा था. तकनीकी निगरानी और जमीनी सूचनाओं के आधार पर पुलिस आखिरकार कोडरमा के चंदवारा तक जा पहुंची और कन्हैया को सकुशल रेस्क्यू कर लिया.
देशभर की पुलिस कर रही थी जांच
कन्हैया की तलाश में रांची पुलिस ने केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि आधा हिंदुस्तान छान मारा. पुलिस की टीमों ने झारखंड के रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और पलामू में दबिश दी. इसके बिहार (औरंगाबाद), राजस्थान (जयपुर), महाराष्ट्र (मुंबई), पश्चिम बंगाल और दिल्ली तक संभावित ठिकानों पर छापेमारी की.
मिर्जापुर गिरोह - अंश और अंशिका मामले से जुड़ा तार
जांच में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब कन्हैया के मामले के तार उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित मानव तस्करी गिरोह से जुड़ते दिखे. यह वही खतरनाक गैंग है जिसका नाम रांची के धुर्वा से गायब हुए बच्चों (अंश-अंशिका) के मामले में भी आया था. उस गिरोह से जुड़े अपराधियों से हुई पूछताछ में मिले सुरागों ने कन्हैया तक पहुँचने का रास्ता साफ कर दिया.
संदिग्धों पर कसा जा रहा शिकंजा
तलाशी के दौरान पुलिस ने सिल्ली और रामगढ़ के इलाकों से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है. पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर 'गुलगुलिया' परिवारों और कुछ बिचौलियों की भूमिका संदिग्ध है, जो मानव तस्करों के लिए मुखबिरी या बच्चों को गायब करने का काम कर रहे थे.









