अंश-अंशिका का हो चुका था सौदा, बच्चा चोर गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार
अंश और अंशिका के अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उनके गिरोह का भी भंडाफोड़ कर दिया है. गिरोह के 13 सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ 12 अन्य लापता बच्चों को भी बरामद कर लिया है. वही अंश-अंशिका की सौदेबाजी कर लिए जाने की बात भी सामने आई है.

Jharkhand (Ranchi): साल की शुरुआत में ही बीते 2 जनवरी को लापता हुए बच्चे अंश और अंशिका का 12 दिनों बाद पुलिस ने पता लगा लिया था. साथ ही उन्हें अगवा कर ले गए दंपत्ति की भी गिरफ्तारी कर ली गई थी. इसके चार दिनों बाद ही झारखंड पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. रविवार को पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह का भी पता लगा लिया है.

12 बच्चों को किया गया बरामद
SSP राकेश रंजन द्वारा प्रेसवार्ता के दौरान दी गई जानकारी के अनुसार इस गिरोह के 13 अपराधियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस गिरफ्तारी के बाद पूछताछ कर पुलिस ने 12 लापता बच्चों को बरामद कर लिया है. जिससे बच्चों के माता-पिता खुश तो हैं ही, साथ ही पुलिस पर लोगों का भरोसा भी पुख्ता होता नजर आ रहा है. बता दें कि 13 गिरोह सदस्यों के अतिरिक्त करीब दो दर्जन चोरों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है.
अंश-अंशिका की हो चुकी थी सौदेबाजी
12 दिनों तक बच्चा चोर गिरोह की कैद में रहने के बाद बरामद किए गए बच्चे अंश व अंशिका से संबंधित पुलिस ने बड़ी जानकारी प्रेसवार्ता के दौरान साझा की है. बताया गया कि गिरोह के सदस्य बच्चों को अगवा करने के बाद उनकी सौदेबाजी कर बेच दिया करते थे. जिसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाया जाता था. अंश व अंशिका की भी सौदेबाजी कर ली गई थी. लेकिन बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाए जाने के कारण बच्चा चोर दंपत्ति बच्चों को दूर कहीं ले जाने में सक्षम नहीं हो पाए.
बच्चों को झोंक दिया जाता था अपराध की भट्ठी में
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि ये गिरोह बच्चों को अगवा कर उन्हें बेच दिया करते थे, जिसके बाद उनसे भीख मांगने, पॉकेट मारी आदि काम करने के लिए मजबूर कर दिया जाता था. वही अगवा की गई बच्चियों को देह व्यापार के गंदे खेल में धकेल दिया जाता था. बताते चलें कि रांची पुलिस द्वारा देश भर के 17 हजार से अधिक पुलिस थानों के अलावा 439 एनजीओ को भी इस अभियान का हिस्सा बना लिया गया था. जिसके कुछ दिनों बाद बीते 14 जनवरी के दिन बच्चों को रामगढ़ के चितरपुर से कुछ स्थानीय युवकों की मदद से बरामद कर लिया गया था. वही पुलिस मानव तस्करों के अन्य तार भी जोड़ने की तफ्तीश में जुटी है.
दस वर्षों से गिरोह बनाता आ रहा है गरीब बच्चों को निशाना
प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी ने बताया कि धराया गया बच्चा चोर गिरोह पिछले दस वर्षों से बच्चों को निशाना बनाता आ रहा था. इन बच्चों में गरीब घर के मासूमों को ही अगवा किया जा था. इस गिरोह के तार बिहार, उड़ीसा, बंगाल, यूपी आदि से जुड़े होने की बात बताई जा रही है. वही बरामद किए गए 12 बच्चों में से कई के परिवार वालों की पड़ताल में पुलिस जुट गई है, परिजनों के पहचान के लिए डीएनए टेस्ट भी कराए जाएंगे.
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