झारखंड को केंद्र से मिल सकते हैं 7600 करोड़ रुपये, शहरी विकास परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
पहले चरण में राज्य को 1900 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रावधान है. हालांकि, यदि राज्य सरकार की ओर से अधिक और बेहतर योजनाएं भेजी जाती हैं तो इस राशि को चार गुना तक बढ़ाया जा सकता है.

Ranchi, Jharkhand : केंद्र सरकार की ओर से झारखंड को 7600 करोड़ की राशि शहरी व्यवस्थाओं की बेहतरी और विकास के लिए मिलने की तैयारी की जा रही है. केंद्रीय शहरी विकास एवं विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को रांची स्थित होटल बीएनआर में एक समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी. बताया कि उक्त राशि केंद्र सरकार की नई योजना अर्बन चैलेंज फंड से दी जाएगी.
जानकारी के अनुसार पहले चरण में राज्य को 1900 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रावधान है. हालांकि, यदि राज्य सरकार की ओर से अधिक और बेहतर योजनाएं भेजी जाती हैं तो इस राशि को चार गुना तक बढ़ाया जा सकता है.
सीवरेज, ड्रेनेज और जलापूर्ति परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत शहरों में सीवरेज, ड्रेनेज, वाटर सप्लाई, परिवहन समेत अन्य आवश्यकता आधारित विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिल सकें. उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए देशभर में करीब चार लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें राज्य सरकार को लगभग 25 प्रतिशत राशि वहन करनी होगी, जबकि शेष राशि केंद्र सरकार और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.
दामोदर वैली कोर्पोरेशन क्षेत्र का होगा विकास
मनोहर लाल ने कहा कि समीक्षा बैठक में डीवीसी, यानी दामोदर वैली कोर्पोरेशन, क्षेत्र के छह जिलों में आधारभूत संरचना के विकास पर भी सहमति बनी है. इसके लिए बिजली विभाग और डीवीसी के अधिकारियों के बीच संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी.
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 30 हजार नए बिजली कनेक्शन
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी लोगों तक बिजली की पहुंच सुनिश्चित की जाए. आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 30 हजार नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी है. जहां बिजली कनेक्शन पहुंचाना संभव नहीं है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी विकास योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने सीवरेज, ड्रेनेज, वाटर सप्लाई और अन्य शहरी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए. साथ ही, केंद्र से मिलने वाले फंड का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और उसके व्यय से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया.
झारखंड ने केंद्र से मांगी विशेष रियायत
इस अवसर पर झारखंड के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि झारखंड को विशेष परिस्थितियों वाला राज्य मानते हुए नीतियों में आवश्यक शिथिलता प्रदान की जाए, ताकि राज्य भी राष्ट्रीय स्तर पर शहरी विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सके. उन्होंने कहा कि डीवीसी क्षेत्र में संयुक्त उपक्रम के माध्यम से विकास कार्य किए जाएंगे और शहरी विकास से जुड़ी कई नई योजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा.
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