उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस में 28 आरोपियों ने दाखिल की जमानत याचिका
164 गिरफ्तारियों के बाद कानूनी प्रक्रिया तेज, अंतरराज्यीय सॉल्वर गिरोह के खुलासे के बीच शुक्रवार को होगी सुनवाई

रांची :- उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित पेपर लीक मामले में अब कानूनी हलचल तेज हो गई है। न्यायिक हिरासत में बंद 28 आरोपियों ने जमानत के लिए अदालत में आवेदन दिया है। सभी ने अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में अर्जी दाखिल की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई प्रस्तावित है। इससे पहले बुधवार को भी 20 आरोपियों ने जमानत की मांग की थी, जिसके बाद अब अदालत में सुनवाई का दायरा और बढ़ गया है।
इस मामले में पुलिस ने हाल ही में व्यापक अभियान चलाते हुए 164 लोगों को गिरफ्तार किया था। सोमवार को सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी कराने के लिए सक्रिय था।
तफ्तीश में सामने आया है कि गिरोह अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें कथित प्रश्न और उत्तर याद करवाता था। प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 15 लाख रुपये लेने की बात जांच में सामने आई है। इसके लिए अभ्यर्थियों को रड़गांव में एक स्थान पर रखा गया था। वहां उनके मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिए जाते थे, ताकि किसी प्रकार की जानकारी बाहर न जाए। कुछ मामलों में बैंक चेक भी आरोपियों के नाम पर लिए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियों ने जिन लोगों को मुख्य रूप से इस नेटवर्क से जुड़ा पाया है, उनमें अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम शामिल हैं। इसके अलावा सात महिलाओं की संलिप्तता भी उजागर हुई है, जिनकी भूमिका की अलग से जांच की जा रही है।
पूरे प्रकरण को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल पुलिस गिरोह के वित्तीय लेन-देन, अन्य संभावित सहयोगियों और नेटवर्क के विस्तार की गहराई से पड़ताल कर रही है। शुक्रवार को प्रस्तावित सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।
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