झारखंड राज्यसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस बैकफुट पर, कहा- गठबंधन एकजुट, हार की होगी समीक्षा
प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि राज्यसभा एकमात्र चुनाव नहीं है बल्कि इसके बाद लोकसभा और विधानसभा के भी चुनाव होंगे. इसमें एकजुटता के साथ गठबंधन चुनावी मैदान में उतरेगी.

Ranchi, Jharkhand : राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस प्रभारी के राजू के राजद और माले पर आरोप के बयान के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी था. लेकिन अब कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. पार्टी ने इस पर विराम लगा दिया है. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि हार पर मंथन होगा.
कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू ने इस हार के लिए राजद और माले को जिम्मेदार ठहराया था. इस बयान के बाद राजद और माले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस प्रभारी के राजू पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था. हालांकि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने अब स्पष्ट कर दिया है कि इस हार को लेकर मंथन किया जाएगा. गठबंधन एकजुट है. वही प्रभारी के राजू ईमानदार छवि के नेता है.उन पर उंगली उठाना ठीक नहीं है.
विधायक दल के नेता प्रदीव यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की तैयारी आसुरी ताकत से लड़ने को लेकर है. उन्होंने कहा कि गठबंधन का ध्येय सिर्फ राज्यसभा चुनाव जीतना नहीं था. वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था को तार-तार करने का प्रयास किया जा रहा है, कांग्रेस की लड़ाई इसके विरुद्ध है.
कांग्रेस नेता और राज्य कैबिनेट में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष से सहमति जताते हुए कहा कि चुनाव में एक पक्ष जीतता है तो दूसरे की हार होती है. लेकिन इस चुनाव को पूरे संवैधानिक तरीके से लड़ने के कारण कांग्रेस के माथे पर कोई शिकन नहीं है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास 56 वोट थे. जो गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों की जीत के लिए पर्याप्त थे. बावजूद इसके कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार हुई है, यह चिंता का विषय है और इसे लेकर गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को इसपर विचार करना होगा.
राधाकृष्ण किशोर ने राजद के अपने गिरेबां में झांककर देखने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के प्रत्येक विधायक का मत प्रणव झा के पक्ष में गया है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा एकमात्र चुनाव नहीं है बल्कि इसके बाद लोकसभा और विधानसभा के भी चुनाव होंगे. इसमें एकजुटता के साथ इंडिया गठबंधन चुनावी मैदान में उतरेगी.
ऐसे में देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी प्रभारी के राजू के बचाव के लिए सरेंडर हो गई है. क्योंकि जिस तरह से आरोप प्रत्यारोप चल रहे थे. ऐसे में गठबंधन में दरार आना तय था. लेकिन अब इस पर विराम लग गया है.
(रांची से कमल कुमार की रिपोर्ट)
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