बापू की पुण्यतिथि पर CM हेमंत सोरेन दिखे नाराज... राज्यपाल के संबोधन के आग्रह को ठुकराया !
गांधी जयंती के अवसर पर आज मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महात्मा गांधी को पुष्पार्पित कर नमन किया. मौके पर राज्यपाल ने संबोधन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी संबोधन करने का आग्रह किया लेकिन सीएम ने इन्कार किया.

Ranchi News: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 78वीं पुण्यतिथि है. इस मौके पर राजधानी रांची के मोहराबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्पित कर श्रद्धांजलि दी. लेकिन बापू के जयंती पर आयोजित कार्यक्रम सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नाराज दिखे. 
राज्यपाल से बोले 'हो गया आप बोल दिए'- CM
महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पार्पित करने के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मौके पर संबोधन किया. लेकिन मुख्यमत्री हेमंत सोरेन ने संबोधन करने से इन्कार किया. इस बीच राज्यपाल ने हाथ जोड़कर उन्हें बापू जयंती पर कुछ बोलने का आग्रह किया, लेकिन सीएम ने यह कहकर इन्कार कर दिया कि 'हो गया आप बोल दिए...आपके बाद कोई बोलता है क्या'...मगर इस बीच सीएम हेमंत सोरेन के चेहरे पर नाराजगी साफ झलक रही थी. वहीं अपने संबोधन के बाद राज्यपाल कार्यक्रम से वापस रवाना हो गए और सीएम हेमंत भी वहां से निकल गए. मौके पर इस दौरान मंत्री दीपिका पांडे सिंह, राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी मौजूद रहें.
अपने संबोधन में राज्यपाल ने क्या कहा ?
बता दें, अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सबसे पहले महात्मा गांधी को स्मरण करते हुए नमन किया. और कहा कि महात्मा गांधी की बातें जितनी सामयिक थी उतनी ही अब भी है. जिस दिन उनका दुखद अंत हुआ उससे पूरा देश परिचित है. हम उनके आदर्शों पर चले ये हमारा विश्वास है.
आगे राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं क्योंकि सरकार ने दिशोम गुरू शिबू सोरेन को सम्मानित करने का काम किया है. वास्तव में ये पूरे झारखंड राज्य के लिए भारत सरकार की रुचि प्रदर्शित करती है. कि इस राज्य के साथ उनकी कितनी रुचि है. दिशोम गुरू के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं उनका नाम हमेशा अमर रहेगा और इस राज्य को बनाने में और जिस प्रकार उन्होंने राज्य की सेवा की. सबको निरंतर याद रहेगा.
गुरू जी को सही सम्मान तब होगा जब भारत रत्न का सम्मान मिलेगा- मंत्री
मौके पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि गांधी जी का गांधीज्म जीवन का दर्शन है गांधी वादी देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को नई दिशा देने वाली सोच रही है. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि उनके दुनिया से जाने के बाद कुछ अहंकारी सत्ता, तानाशाही लोगों ने उनकी विचारधारा को खत्म करने का प्रयास किया. लेकिन यह कभी भी संभव नहीं है. एक योजना का नाम बदलकर उनके आदर्शों को मिटाया नहीं जा सकता है.
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने दिशोम गुरू शिबू सोरेन को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किए जाने को लेकर कहा कि राज्यपाल ने झारखंड के गांधी दिशोम गुरू जी को पद्म भूषण देने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया. इस सम्मान के लिए हम भी धन्यवाद देते है लेकिन झारखंड की आत्मा दिशोम गुरू जी को सही सम्मान तब होगा जब उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. और लोक भवन के माध्यम से झारखंड की इस भावना को आगे बढ़ाया जाएगा. ऐसा उम्मीद है. 
CM हेमंत के नाराजगी की क्या है वजह ?
अपने दिवंगत पिता शिबू सोरेन को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा पर बीते रविवार (25 जनवरी 2026) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार का आभार जताया था. वहीं, उनकी पार्टी JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) अब भी देश के सबसे बड़े आदिवासी नेता दिशोम गुरू शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न की मांग कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि गुरु जी का कद काफी बड़ा था. वो भारत रत्न ही डिजर्व करते थे लेकिन भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया.
JMM की मांग पर झारखंड बीजेपी के नेताओं का कहना है कि सम्मान बड़ा छोटा नहीं होता है सम्मान सम्मान होता है. पार्टी ने शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने पर केंद्र सरकार का स्वागत किया. साथ ही केंद्र के इस फैसले को उन्होंने एतिहासिक बताया है. झारखंड बीजेपी के नेता और राज्य के पूर्व सीएम रघुवर दास ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि झारखंड आंदोलन के अग्रदूत, दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्मभूषण (मरणोपरांत) सम्मान मिलना हर झारखंडवासी के लिए गौरव का क्षण है.
वहीं, झारखंड कांग्रेस ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की मांगों का समर्थन करते हुए राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि जो आंदोलन और जो संघर्ष गुरु जी ने किया है उसके लिए उन्हें भारत रत्न से ही नवाजा जाना चाहिए.
CM भी चाहते है दिशोम गुरू को मिले भारत रत्न !
बता दें, दिवंगत पिता शिबू सोरेन को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स पर पोस्ट साझा किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे. यानी सीएम हेमंत सोरेन भी चाहते है कि उनके पिता दिवंगत दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए !
'शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे'
सीएम ने पोस्ट पर लिखा था ''हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मै केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं. स्व दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है. उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी और सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है.
यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना राज्य दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व. झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे.









