भागीरथपुरा में दूषित पानी से एक और बुजुर्ग की मौत, अस्पताल में अब भी भर्ती हैं मरीज
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से उपजे संक्रमण से एक और बुजुर्ग की मौत हो गई है. पिछले 25 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी ने 30 जनवरी 2026 को अंतिम सांस ली. उन्होंने 28 दिसंबर 2025 को उल्टी-दस्त की शिकायत की थी जिसके बाद से उनका इलाज चल रहा था.

Madhya Pradesh (Indore): भागीरथपुरा में दूषित पानी काल बनकर मंडरा रहा है. नगर निगम की गंभीर लापरवाही की वजह से क्षेत्र में फैला संक्रमण का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है. शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को इस दूषित पानी ने एक और बुजुर्ग की जान ले ली. इसके साथ ही भागीरथपुरा त्रासदी में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 31 हो गया है.
अब भी अस्पताल में भर्ती हैं मरीज
बीते तीन दिनों में एक के बाद एक 3 लोगों की मौत होना इस बात का संकेत देता है कि हालात अब भी बेहद गंभीर हैं. उल्टी-दस्त से शुरू हुई यह गंभीर बीमारी धीरे-धीरे जानलेवा संक्रमण में बदल रही है. दूषित पानी के संक्रमण की चपेट में आए मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिसमें 2 को आईसीयू में जबकि एक को वेंटिलेटर पर रखा गया है. 
28 दिसंबर को की थी उल्टी-दस्त की शिकायत
बता दें, उल्टी दस्त के कारण पिछले 30 दिनों से अस्पताल में भर्ती एकनाथ सूर्यवंशी (72 वर्ष) ने शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को अंतिम सांस ली. उन्होंने 28 दिसंबर 2025 को उल्टी और दस्त की शिकायत की थी जिसके बाद 29 दिसंबर 2025 को उन्हें शैल्बी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. इलाज के दौरान कोई सुधार नहीं होने पर 3 जनवरी 2026 को उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में दूषित पानी से फैला संक्रमण तेजी से फैल चुका है. बॉम्बे अस्पताल में वे पिछले 25 दिनों से वेंटिलेटर पर रहे, लेकिन अंततः नगर निगम की लापरवाही से उपजे दूषित पानी के संक्रमण ने उनसे उनकी जिंदगी छीन ली.
परिजनों के अनुसार, दूषित पानी के संक्रमण ने उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला किया. शुरुआत में उल्टी दस्त की शिकायत के बाद उनके किडनी और लिवर में इंफेक्शन (संक्रमण) फैलता चला गया. जिसके बाद उनको ब्रेन हेमरेज भी हो गया. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों द्वारा उम्मीद छोड़ने के बाद वे 29 जनवरी 2026 को उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर घर ले आए. जिसके बाद 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को उन्होंने अंतिम सांस ली. बेटे नीलेश ने बताया कि 1 महीने तक अस्पताल में उनके पिता ने भारी पीड़ा झेली.
एकनाथ सूर्यवंशी से अस्पताल मिलने पहुंचे थे राहुल गांधी
भागीरथपुरा त्रासदी में केवल एक परिवार नहीं, बल्कि इलाके के कई परिवार चपेट में आए हुए हैं. इस घटना ने अब पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए है. पिछले एक महीने से स्थानीय लोगों द्वारा जिस दूषित पानी को लेकर लगातार शिकायत की जा रही थी वहीं पानी अब 31 लोगों की जान ले जा चुकी है. यह पूरा मामला उस वक्त और संवेदनशील बन गया. जब लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद दूषित पानी के संक्रमण से अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे एकनाथ सूर्यवंशी (72 वर्ष, जिनकी अब मौत हो गई) से मिलने पहुंचे थे. अब उनकी मौत ने जमीनी हकीकत और प्रशासनिक दावों के बीच की खाई को एक बार फिर से उजागर कर दिया है.
रिपोर्ट- अशोक सोनी









