पानी की टंकी में गिरी तीन साल की मासूम, ठेकेदार की लापरवाही बनी बच्ची के मौत की वजह
रायसेन जिले में एक निर्माणाधीन स्कूल के पास गड्ढे में गिरने से 3 साल की मासूम बच्ची की जान चली गई. जहां मौके पर स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा था, लोगों ने ही पीड़ित परिवार को मदद मुहैया कराई, वही ठेकेदार व सारे जिम्मेदार लोग मौके से नदारद थे.

MP (Raisen): रायसेन जिले के बाड़ी नगर में निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल भवन में ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई. ठेकेदार द्वारा परिसर में खुले में बनाई गई पानी की टंकी में खेलते-खेलते बच्चा गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची जबलपुर से काम करने आए मजदूर की 3 साल की बेटी थी. निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी. न तो गड्ढे को ढंका गया था और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे, जो सीधे तौर पर ठेकेदार की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
दुर्घटना के जिम्मेदार मौके से नदारद
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रकरण दर्ज किया, पोस्टमार्टम कराकर बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया. सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ठेकेदार या निर्माण कंपनी का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहा. गरीब मजदूर परिवार सदमे की हालत में इधर-उधर भटकता रहा.
स्थानीय लोगों से मिली मदद
मानवता की मिसाल पेश करते हुए स्थानीय समाजसेवियों ने आगे आकर पीड़ित परिवार की मदद की, बच्ची के अंतिम संस्कार और परिजनों को उनके घर पहुंचाने में सहयोग किया.
एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की उठ रही मांग
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से ठेकेदार और निर्माण एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो आज उनकी मासूम बेटा जिंदा होता.
परिवार और स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण करने वाली कंपनी को इस मौत की जिम्मेदारी लेनी होगी और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.
प्रशासन क्या हो पाएगा सख्त!
यह घटना न सिर्फ प्रशासन और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है या एक और मासूम की मौत फाइलों में दबकर रह जाएगी.
रिपोर्ट: जीतमल जैन









