बिना हेलमेट बाइक चलाना पड़ा भारी.. पुलिस के साथ विधायक के भाई की झड़प, वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के करैरा विधायक के भाई किसी काम से बाइक में सवार एक साथी के साथ थाने के करीब पहुंचे थे. वहां उन्हें मोके पर तैनात सिपाही ने रोक दिया, क्योंकि वे बिना हेलमेट वाहन चला रहे थे. एक सिपाही ने बाइक की चाभी निकाल ली जिसके बाद विधायक का भाई तमतमा उठा.

MP (Shivpuri): भारत में विधायक के रिश्तेदार आमतौर पर अपने रुतबे का अनावश्यक प्रदर्शन करते देखे जाते हैं. मध्यप्रदेश के शिवपुरी में भी करैरा के विधायक रमेश खटिक के भाई भागचंद खटीक और पुलिस सिपाही परमल कुशवाह के बीच की यह घटना इसी बात की गवाही देती है. माजरा बिना हेलमेट के बाइक चलाने से संबंधित है. पुलिस सिपाही ने चेकिंग के दौरान बाइक को रोका और बाइक की चाभी निकाल लिए जाने पर विधायक के भाई का गुस्सा भड़क उठा. वे बार-बार सिर्फ यही पूछते रहे कि बाइक की चाभी कैसे निकाल ली, इतने में जिस सिपाही ने चाभी निकाली थी, उसने चाभी थाने परिसर के अंदर फेंक दी.

नरवर थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान करैरा विधायक के भाई और पुलिस के बीच हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. मामला थाने के ठीक सामने का बताया जा रहा है, जहां पुलिस नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी.
बाइक से बिना हेलमेट पहुंचे थे विधायक के भाई
बताया जा रहा है कि भाजपा विधायक रमेश खटीक के शिक्षक भाई भागचंद खटीक अपने एक साथी के साथ बाइक से थाने के बाहर पहुंचे थे. इस दौरान वे बिना हेलमेट बाइक चला रहे थे. बताया गया कि उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति की गाड़ी छुड़वाने की बात पुलिस से कही, जिस पर पुलिसकर्मी ने हाथ जोड़कर वरिष्ठ अधिकारी से बात करने को कहा.
बाइक रख दी थाने के अंदर
इसी दौरान जब एक व्यक्ति बाइक लेकर जाने लगा, तो ड्यूटी पर तैनात सिपाही परमल कुशवाह ने भागचंद खटीक की बाइक की चाभी निकाल ली. इस बात पर भागचंद भड़क गए और सिपाही से सवाल किया कि चाभी किस अधिकार से निकाली. उन्होंने गुस्से में चाबी छीनने की कोशिश भी की. जिसके बाद सिपाही ने बाइक की चाभी थाना परिसर के अंदर फेंक दी. जिसके बाद भागचंद दूसरे सिपाही से भिड़ गए. जिसपर पुलिस कर्मचारी ने वर्दी निकालने की बात भी कह डाली. उन्होंने कहा कि हम किसी के नौकर नहीं हैं कि आपकी बाइक आपके घर लेकर आएं.

"गाड़ी घर लेकर तुम ही आओगे"
इसके बाद कहासुनी और तेज हो गई. आरोप है कि भागचंद ने कहा कि गाड़ी घर लेकर आओ, जिस पर आरक्षक रामवीर बघेल ने सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे और जनता के नौकर हैं. बाद में दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया. भागचंद खटीक ने बताया कि चालान ऑनलाइन हो गया है और मैसेज भी आ चुका है.









