हजारीबाग में नल जल योजना पर लगा ग्रहण, केन्द्र और राज्य सरकार की आपसी खींचतान ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
हजारीबाग जिले में हर घर नल-जल योजना का हाल बेहाल हो गया है. यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल के अभाव में अधर में लटक गईं हैं. राज्य सरकार ने इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेवार ठहराया है.

JHARKHAND (HAZARIBAGH): झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने की कोशिश पर ग्रहण लगा हुआ है. नल जल योजना का हाल बेहाल है. केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल के अभाव में योजनाएं अधर में लटक गईं हैं. राज्य सरकार ने इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेवार ठहराया है. विभागीय मंत्री ने जो डाटा साझा किया है, वह चौंकाने वाला है. दावा है कि केंद्रांश नहीं मिलने से योजनाएं प्रभावित हुई हैं. इसकी वजह से जरूरतमंदों तक नल से जल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है.
बिना पानी चेक किए लगा दिया गया जल मीनार
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के सहूलियत के लिये सरकार के द्वारा निकटतम डैम से लोगों के घर तक सोलर टंकी लगवा कर तथा डैम से सीधे पाइप लगा कर लोगों के घर तक पानी सप्लाई देना था. कुछ हद तक काम भी हुए. कई लोगों को इसका लाभ भी मिल रहा है. परंतु कुछ जगहों पर डैम से सप्लाई किए जाने वाले पानी पर ग्रहण लग चुका है.
कुछ ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए सोलर जल मीनार झाड़ियों में तब्दील हो चुका है. कारण स्पष्ट है कि इन जगहों पर बिना पानी चेक किए हुए जल मीनार लगा दिया गया. समय के साथ बोरिंग फेल हो गई और सप्लाई बंद हो गया. जल मीनार के नाम पर पैसे भी निकाल लिए गए. अब इसे देखने वाला कोई नहीं है. ग्रामीण क्षेत्र के मुखिया और स्थानीय लोग भी कहते हैं कि नल जल योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है.
केंद्र सरकार ने नहीं दिए हैं 6,500 हजार करोड़ रुपए : दीपिका पांडे सिंह
इधर झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह कहती हैं कि नल जल योजना पूरी तरह से अधर में लटक चुकी है. उनका कहना है कि केंद्र की सरकार ने अभी तक 6,500 हजार करोड़ रुपए झारखंड की सरकार को नहीं दिए हैं, जिसके कारण नल जल योजना पूरी तरह से प्रभावित हुई है. 
नल जल योजना की राशि का हुआ है बंदरबाट : प्रदीप प्रसाद
वहीं पूरे मामले को लेकर हजारीबाग भाजपा के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नल जल योजना की राशि का पूरी तरह से बंदरबाट हुआ है. इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मंत्री दीपिका पांडे का केंद्र सरकार पर दिया गया बयान हास्यास्पद है.
बहरहाल, गलती चाहे केन्द्र सरकार की हो या राज्य सरकार की. फिलहाल जमीनी हालात ये हैं कि ग्रामीण इलाकों में लोगों से शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं और जिस मकसद से नल जल योजना को लॉन्च किया गया था. उसी इरादे पर पानी फिरता नजर आ रहा है.
रिपोर्ट : आशीष सिन्हा









