लापता अंश-अंशिका का कोई सुराग नहीं.. पुलिस के हाथ अब भी खाली, पीड़ित परिवार से मिले सुदेश महतो
धुर्वा से बीते 2 जनवरी से लापता हुए बच्चों का 12 दिनों से पुलिस के हाथों कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. इस दौरान प्रतिदिन कोई न कोई राजनीतिक सख्शियत बच्चों के माता-पिता से मिलने आता रहता है. वहीं परिजन बस इसी आस में हैं कि कब उनके बच्चे उनके पास आएंगे.

JHARKHAND (RANCHI): जहां 12 दिनों से रांची के धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी से लापता हुए मासूम बच्चे - अंश और अंशिका - की गुमसुदगी का अब तक पुलिस को कुछ पता नहीं चल पाया है. वहीं बच्चों के माता-पिता से मिलने आने वाले नेताओं का तांता प्रतिदिन लगा रहता है. मंगलवार को आजसू नेता सुदेश महतो और अजय नाथ शाहदेव ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और ढांढ़स बंधाया. उन्होंने परिवार को हिम्मत देते हुए कहा कि बच्चों को ढूंढने के लिए हर तरह की मदद की जाएगी. दोनों नेताओं ने प्रशासन से बच्चों को जल्दी ढूंढ निकालने की बात कही है.
इनाम की राशि अब 4 लाख
बताते चलें कि अंश-अंशिका का पता बताने वाले को शुरुआत में प्रशासन द्वारा 51 हजार रुपए देने की बात सामने आई थी. जिसे बढ़ाकर दो लाख किया गया था. अब इस इनाम राशि को बढ़ाकर चार लाख कर दिया गया है.
लापता बच्चों की तलाश में झालसा भी
बच्चों की बरामदगी के लिए 40 पुलिस के एसआईटी टीम का गठन हुआ है. वह बिहार, बंगाल समेत देश के कई राज्यों में छापेमारी कर रही है. इसके अलावा पुलिस अब मासूम को सही सलामत ढूंढने के लिए बचपन बचाओ आंदोलन की मदद लेगी. इस संगठन के सदस्य देशभर के 439 जिलों में सक्रिय है. दूसरी तरफ लापता बच्चों की तलाश में पुलिस के साथ साथ झालसा भी लग गया है. देश भर के सभी लीगल वॉलंटियर्स उनकी तलाश करेंगे. इन सब के अलावा देशभर के विभिन्न एनजीओ से भी मदद मांगी गई है.









