पारसनाथ के मरांग बुरु में मंत्री फागू बेसरा ने टेका मत्था, इस दिन होगा आदिवासियों का महाजुटान
इस खास मौके पर मरांग बुरु के नाइकी (पुजारी) ने पूरी तरह से पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ मंत्री फागू बेसरा समेत 'मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा' के अन्य सदस्यों को पूजा करवाई

गिरिडीह/GIRIDIH: हेमंत सोरेन सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा सोमवार को गिरिडीह के मधुबन इलाके में पहुंचे। यहां उन्होंने पारसनाथ पहाड़ पर स्थित आदिवासी समुदाय के सबसे पवित्र आस्था के केंद्र 'मरांग बुरु' पूजन स्थल में मत्था टेका और पूरे भक्ति-भाव से पूजा-अर्चना की।
संथाली रीति-रिवाजों से हुई पूजा, मांगी गई राज्य की खुशहाली
इस खास मौके पर मरांग बुरु के नाइकी (पुजारी) ने पूरी तरह से पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ मंत्री फागू बेसरा समेत 'मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा' के अन्य सदस्यों को पूजा करवाई। पूजा के दौरान मंत्री और वहां मौजूद सभी लोगों ने मिलकर अपने आराध्य देवता से झारखंड राज्य की तरक्की, शांति और खुशहाली की मन्नत मांगी। पूजा पूरे होने के बाद वहां मौजूद सभी लोगों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया।
ओडिशा और जमशेदपुर से भी पहुंचे कई लोग
इस खास पूजा में मंत्री फागू बेसरा अकेले नहीं थे, बल्कि उनके साथ कई अन्य जाने-माने लोग भी शामिल हुए। उनके साथ ओडिशा से खास तौर पर आए सौम्य टुडू और जमशेदपुर के दुर्गाचरण मुर्मू ने भी पूजा में हिस्सा लिया। इसके अलावा बिंद सोरेन, ईटो बास्के, महेश मरांडी, सुधीर बास्के, दिलीप मुर्मू और राजेश किस्कु भी इस पूरी पूजा-अर्चना के दौरान वहां मौजूद रहे।
नवंबर में बड़े आंदोलन की तैयारी
इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद दिलीप मुर्मू ने एक बहुत ही अहम जानकारी मीडिया के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि 'मरांग बुरु बचाव संघर्ष मोर्चा' आने वाले 4 और 5 नवंबर को एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है। इसे एक विशाल धर्म सम्मेलन के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस महाजुटान में सिर्फ झारखंड से ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से आदिवासी समुदाय के लोग भारी संख्या में पारसनाथ पहुंचेंगे। इस बड़े ऐलान के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मरांग बुरु को लेकर होने वाले इस जमावड़े पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
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