हजारीबाग में यहां घने जंगलों के बीच चल रहा था अवैध कोयले का काला खेल, CISF के एक्शन के बाद NTPC इलाके में गर्जा बुलडोजर
दोपहर लगभग दो बजे के आसपास जब CISF की टीम घने जंगलों और झाड़ियों के बीच सर्च अभियान चला रही थी, तभी उन्हें अवैध रूप से संचालित की जा रही 4 रैट-होल (सुरंगनुमा) कोयला खदानों का पता चला

HAZARIBAGH/JHARKHAND: झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। हजारीबाग स्थित NTPC-CMP (NTPC-CMP) की सीआईएसएफ (CISF) इकाई ने अवैध कोयला खनन और तस्करों के खिलाफ एक बड़ा और विशेष अभियान चलाया है। खान एवं खनिज अधिनियम (MMDR Act, 1957) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए CISF की टीम ने जंगलों के बीच चल रहे कोयले के अवैध काले कारोबार पर सीधी कार्रवाई की है। यह पूरा अभियान उप कमाण्डेन्ट श्री सुरेश जी के कड़े निर्देशन में संचालित किया गया।
जंगलों के बीच छिपी 4 रैट-होल खदानें ध्वस्त
यह पूरी कार्रवाई बड़कागांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लकूरा के जंगलों में हुई है। दोपहर लगभग दो बजे के आसपास जब CISF की टीम घने जंगलों और झाड़ियों के बीच सर्च अभियान चला रही थी, तभी उन्हें अवैध रूप से संचालित की जा रही 4 रैट-होल (सुरंगनुमा) कोयला खदानों का पता चला। खदानों की पहचान होते ही CISF ने बिना कोई वक्त गंवाए मौके पर जेसीबी मशीन बुलवाई और इन सभी अवैध खदानों को पूरी तरह से धंसाकर बंद कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से मौके पर चल रहे अवैध खनन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई।
संगठित कोयला तस्करी सिंडिकेट की आशंका
CISF की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इन रैट-होल खदानों के पीछे किसी संगठित कोयला तस्करी नेटवर्क का हाथ हो सकता है। यह पूरा इलाका NTPC-CMP हजारीबाग को आवंटित किया गया है, जहां आने वाले समय में NTPC द्वारा आधिकारिक तौर पर कोयला खनन का काम शुरू किया जाना है। सीआईएसएफ अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस अवैध खनन के पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं, कोयले को ले जाने के लिए किन गाड़ियों का इस्तेमाल हो रहा था और इसका मुख्य सरगना कौन है। मामले में शामिल सभी संदिग्धों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
CISF ने दी चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद CISF ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी और अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। CISF इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और आने वाले दिनों में भी ऐसे सरप्राइज अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे। क्षेत्र में पूरी तरह से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए CISF अब स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस और दूसरी एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि कोयला तस्करों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
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