प्रशांत को बधाई, भाई को ताना? रोहिणी आचार्य का एक तीर से दो निशाना!
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दी। हालांकि, उनके पोस्ट को राजनीतिक हलकों में तेजस्वी यादव पर तंज के रूप में देखा जा रहा है, जिससे बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।


बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जैन स्वराज के प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के बधाइयों का सैलाब आना शुरू हो गया है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के एक सोशल मीडिया ट्वीट की हो रही है। रोहिणी आचार्य ने X पर पोस्ट के जरिए प्रशांत किशोर को बधाई दी है। परंतु बधाई के साथ-साथ उनके इस संदेश को राजनीतिक गलियारों में अपने भाई और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।
सिंगापुर से ही रोहिणी आचार्य ने बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना पर लगातार नजर बनाए रखा था। परिणाम जैसे ही स्पष्ट हुआ उन्होंने x पर लिखा - " बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे ने फिर साबित कर दिया है की जीत उसी की होती है जो लगातार लड़ता है, जनता से जिसका निरंतर जुड़ाव होता है, जो कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का सम्मान करता है, और उनके साथ संपर्क व संवाद कायम रखता है।" उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा किया जीत बीजेपी के विरोध और लोकतंत्र में जनता के विश्वास की जीत है साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर को हार्दिक बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी।

तेजस्वी पर क्यों माना जा रहा है तंज?
रोहिणी के इस पोस्ट वाले बधाई में तेजस्वी यादव को अप्रत्यक्ष नसीहत के तौर पर देखा जा रहा है। बांकीपुर उपचुनाव के दौरान तेजस्वी यादव अधिकांश समय विदेश यात्रा पर रहे और मतदान से दो दिन पहले पटना लौटकर केवल अंतिम चरण में रोड शो किया। इससे पहले भी 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद की हार के बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए थे उसे समय रोहिणी आचार्य ने हर की समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई थी उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय यादव पर भी सवाल खड़े किए थे और आरोप लगाया था कि सवाल उठाने पर उन्हें अपमानित किया गया था। इसके बाद दोनों भाई बहन के रिश्तों में खटास की चर्चाओं ने तूल पकड़ ली थी।
जन्मदिन पर भी नहीं आई थी रोहिणी
तेजस्वी यादव के बेटी के जन्मदिन के कार्यक्रम में भी रोहिणी नजर नहीं आई। इसके अलावा विधानसभा सत्र के दौरान तेजस्वी की अनुपस्थिति और हाल के दिनों में मृत्युंजय तिवारी पर रितु जायसवाल जैसे नेताओं का आरजेडी छोड़कर भाजपा में शामिल होना भी पार्टी के भीतर असहमति की ओर इशारा करता है।

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