लैंड रेंट रिसिप्ट मामले में हाई कोर्ट सख्त, सरायकेला डीसी के रवैये पर कड़ी टिप्पणी
आश्वासन के बाद सेकंड अपील दाखिल करने पर जताई नाराजगी, प्रार्थी को तत्काल रेंट रिसिप्ट जारी करने का आदेश; मामले की सूचना UPSC को भेजने के निर्देश

एंकर :- झारखंड में जमीन से जुड़े एक मामले पर सख्ती दिखाते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष जताया है। मामला लैंड रेंट रिसिप्ट जारी नहीं किए जाने से संबंधित है, जिस पर अदालत ने प्रशासनिक ढिलाई और विरोधाभासी कदमों को गंभीर माना।
दरअसल, 8 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान उपायुक्त ने वर्चुअल माध्यम से अदालत में पेश होकर आश्वासन दिया था कि वे पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आदेश पारित करेंगे। लेकिन बाद में यह सामने आया कि जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय सिविल कोर्ट में पारित आदेश के खिलाफ सेकंड अपील दाखिल कर दी गई है। अदालत ने इसे अपने समक्ष दिए गए आश्वासन के विपरीत कदम बताया।
जब यह तथ्य सुनवाई के दौरान सामने आया तो न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए उपायुक्त को उसी दिन दोबारा पेश होने का निर्देश दिया। दोपहर में वर्चुअल माध्यम से पेशी के दौरान भी वे अदालत की शंकाओं का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिससे कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की।
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को तत्काल प्रभाव से लैंड रेंट रिसिप्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह अपनी जमीन का लगान जमा कर सके। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि पूरे मामले की सूचना संघ लोक सेवा आयोग को भेजी जाएगी, ताकि प्रशासनिक आचरण की समीक्षा की जा सके।
यह विवाद आदित्यपुर के गम्हरिया क्षेत्र स्थित जमीन से जुड़ा है। संबंधित टाइटल सूट में सिविल कोर्ट पहले ही याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दे चुका है, बावजूद इसके रेंट रिसिप्ट जारी नहीं की गई थी। इसी वजह से याचिकाकर्ता को न्याय पाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
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