फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं, नवीनीकरण पर हो पुनर्विचार: JDU विधायक बशिष्ठ सिंह
हतास के करगहर से जदयू विधायक बशिष्ठ सिंह ने फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए इसके नवीनीकरण पर पुनर्विचार की मांग की है।


रोहतास: करगहर विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक बशिष्ठ सिंह ने फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए इसके नवीनीकरण पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिहार की नदियों और पानी के बावजूद राज्य को हर साल बाढ़ और सूखे दोनों की समस्या का सामना करना पड़ता है। विधायक ने केंद्र सरकार से संधि के भविष्य पर बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए विचार करने की अपील की।
बशिष्ठ सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा, “पानी बिहार का, नदियां बिहार की, फिर बिहार को ही बाढ़ और सूखे की मार क्यों झेलनी पड़ती है?”उन्होंने फरक्का बांध को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इसकी वजह से गंगा में गाद जमा हो रही है, जिसका असर बिहार में बाढ़ की स्थिति पर पड़ता है।
गाद और बाढ़ का मुद्दा उठाया
विधायक के मुताबिक फरक्का बांध के कारण गंगा में गाद जमा होने की समस्या बढ़ रही है। उनका दावा है कि गाद के कारण नदी की जलधारण क्षमता प्रभावित होती है और बिहार के कई इलाकों में हर साल गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य के कई जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में पानी की कमी और सूखे जैसी स्थिति बनी रहती है। ऐसे में जल प्रबंधन और फरक्का से जुड़े समझौते पर बिहार के हितों को केंद्र में रखकर विचार किया जाना जरूरी है।
12 दिसंबर को खत्म हो रही है संधि
बशिष्ठ सिंह ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि वर्ष 1996 में 30 साल के लिए हुई थी और इसकी अवधि 12 दिसंबर 2026को समाप्त होने वाली है। उन्होंने कहा कि संधि की अवधि पूरी होने से पहले इसके प्रभावों का व्यापक आकलन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह किसानों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर दोबारा विचार करने का सही समय है। विधायक ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग है कि संधि के नवीनीकरण को लेकर बिहार के हितों और राज्य की जल संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए।
संजय झा ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
जदयू विधायक ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी फरक्का जल संधि का मुद्दा राज्यसभा में उठा चुके हैं। बशिष्ठ सिंह के मुताबिक इस विषय पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भी इसे उचित मुद्दा माना गया है।
विधायक ने कहा कि बिहार में बाढ़, गाद और जल संकट जैसे मुद्दों का स्थायी समाधान जरूरी है। ऐसे में फरक्का जल संधि की समीक्षा और उसके नवीनीकरण पर पुनर्विचार को बिहार के हितों से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
(विकाश चंदन की रिपोर्ट)

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