आठ दिनों से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण, शोभा की वस्तु बनी जल मीनार!
नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कहुआरा पंचायत के कहुआरा गांव में पिछले करीब आठ दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है। जलापूर्ति ठप होने से ग्रामीणों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।


नवादा/नारदीगंज: नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कहुआरा पंचायत के कहुआरा गांव में पिछले करीब आठ दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है। जलापूर्ति ठप होने से ग्रामीणों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जल मीनार का निर्माण लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, वह इन दिनों महज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।
जलापूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों को दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पानी की समस्या से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पेयजल संकट की जानकारी संबंधित पदाधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
ट्रांसफार्मर का तेल खत्म होने से बंद है जलापूर्ति
जल मीनार के संचालक उदय सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर का तेल खत्म हो जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। इसकी शिकायत संबंधित पदाधिकारी से कर दी गई है। उन्होंने बताया कि गांव में पानी की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है और जल्द व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और उमस के बीच आठ दिनों से पानी की समस्या झेलना मुश्किल हो रहा है। सरकार की ओर से पेयजल व्यवस्था के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जरूरत के समय जल मीनार से पानी नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए ट्रांसफार्मर की समस्या को तत्काल दूर कराने और नियमित जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि आठ दिनों से पानी के लिए परेशान ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है और बंद पड़ी जल मीनार कब दोबारा उनकी प्यास बुझाती है।
(नवादा से सोनू सिंह की रिपोर्ट)

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