Video! : रांची की सड़कों पर उतरा 308 चक्कों का 'महाबली' ट्रक, वियतनाम से आई विशाल मशीन, देखने के लिए...
राजधानी रांची की सड़कों पर इन दिनों 308 पहियों वाला एक दैत्याकार ट्रेलर ट्रक लोगों के बीच भारी आकर्षण और कौतूहल का विषय बना हुआ है।


Ranchi: राजधानी रांची की सड़कों पर इन दिनों 308 पहियों वाला एक दैत्याकार ट्रेलर ट्रक लोगों के बीच भारी आकर्षण और कौतूहल का विषय बना हुआ है। इस विशेष वाहन पर लदी विशालकाय भारी-भरकम मशीन को देखने के लिए राहगीर अपनी गाड़ियां रोककर तस्वीरें और वीडियो ले रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहे हैं। यह कोई आम ट्रक नहीं, बल्कि बेहद भारी और ओवरसाइज्ड मशीनरी को ढोने वाला एक खास मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर है। इस पर लदी भारी मशीन वियतनाम से मंगाई गई है, जिसे उत्तर प्रदेश की एक चीनी मिल तक पहुंचाया जा रहा है।
रेलवे क्लीयरेंस के इंतजार में नगड़ी टोल के पास रुका काफिला
ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से रवाना हुआ यह विशाल काफिला झारखंड के विभिन्न जिलों को पार करते हुए रांची पहुंचा है। हालांकि, आगे रेलवे ओवरहेड या क्रॉसिंग से संबंधित जरूरी क्लीयरेंस न मिल पाने के कारण यह विशालकाय वाहन पिछले तीन दिनों से नगड़ी टोल नाके के पास रुका हुआ है। क्लीयरेंस मिलते ही इसे आगे उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया जाएगा।
दिन में सिर्फ 10 से 12 किलोमीटर का सफर, 2 महीने पहले हुआ था रवाना
इस विशालकाय मशीन और वाहन का कुल वजन और आकार इतना ज्यादा है कि इसकी गति सामान्य गाड़ियों के मुकाबले बेहद धीमी है। यह काफिला दिनभर में औसतन महज 10 से 12 किलोमीटर का ही फासला तय कर पाता है। पारादीप पोर्ट से निकले इस काफिले को सड़क पर चलते हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं और इसे उत्तर प्रदेश में अपनी तय मंजिल तक पहुंचने में अभी करीब दो महीने का समय और लग सकता है।
धोनी फार्म हाउस के पास से गुजरा, देखने के लिए लगी भीड़
रविवार को यह 308 पहियों वाला ट्रक सिमलिया रिंग रोड स्थित पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के फार्म हाउस के पास से गुजरा, जहां इसे देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। इसके बाद 31 अगस्त को यह काफिला नेवरी विकास गोलचक्कर के आसपास पहुंचा, जहां लोगों ने इसके विशाल आकार के साथ सेल्फी और वीडियो बनाकर इंटरनेट पर साझा किए।
बिजली के तारों और संकरे मोड़ों को बचाकर निकाला जा रहा ट्रक
इतने विशाल वाहन को आगे ले जाना किसी बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती से कम नहीं है। रास्ते में सड़क की चौड़ाई, तीखे मोड़, सामान्य ट्रैफिक का दबाव और ऊपर लटकते हाईटेंशन बिजली के तारों जैसी ढांचागत बाधाओं से सुरक्षित बचाते हुए पूरी सावधानी के साथ इस काफिले को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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