हाजी हुसैन, जगरनाथ महतो, रामदास सोरेन और अब सुदिव्य सोनू..., हेमंत सोरेन सरकार ने खोया चौथा मजबूत स्तंभ
रविवार 6 सितंबर की सुबह झारखंड की राजनीति से एक ऐसी दुखद खबर आई, जिसने पूरे राज्य को सन्न कर दिया।
Ranchi/Giridih: रविवार 6 सितंबर की सुबह झारखंड की राजनीति से एक ऐसी दुखद खबर आई, जिसने पूरे राज्य को सन्न कर दिया। हेमंत सोरेन सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का महज 56 साल की उम्र में हार्ट अटैक से अचानक निधन हो गया। एक तरफ जहां पार्टी ने अपना एक मजबूत और जमीनी नेता खो दिया, वहीं इस खबर के साथ ही झारखंड के सियासी गलियारों में एक अजीब और खौफनाक संयोग की चर्चा फिर शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में अब तक कैबिनेट के चार मंत्रियों का निधन हो चुका है, और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से तीन मंत्रियों का सीधा नाता राज्य के 'शिक्षा विभाग' से ही रहा है।
दीवारों पर पोस्टर चिपकाने से लेकर मंत्री बनने तक का जुझारू सफर
सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक सफर किसी मिसाल से कम नहीं रहा। वे कोई सीधे बड़े पद पर पहुंचे नेता नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपना सफर एक साधारण झामुमो कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया था। एक वक्त था जब वे पार्टी के लिए दीवारों पर नारे लिखते थे, पोस्टर लगाते थे और झंडा लेकर गांव-गांव घूमते थे। साल 1989 में JMM की सदस्यता लेने वाले सुदिव्य 1992 में गिरिडीह नगर कमेटी के संस्थापक अध्यक्ष बने और बाद में जिलाध्यक्ष की कमान संभाली। चुनावी राजनीति में 2009 और 2014 में हार मिलने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2019 में पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 2024 में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी और हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे।

हेमंत सरकार के चार मंत्रियों को खोने का दर्द
हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री रहते हुए सबसे पहले हाजी हुसैन अंसारी का साल 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद निधन हुआ था, जो मधुपुर से विधायक और मंत्री थे। इसके बाद डुमरी विधायक और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो का लंबी बीमारी और फेफड़े के ट्रांसप्लांट के बावजूद 6 अप्रैल 2023 को निधन हो गया था। यह झटके अभी थमे भी नहीं थे कि 15 अगस्त 2025 को घाटशिला से विधायक और तत्कालीन स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का भी निधन हो गया। अब 2026 में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असमय चले जाने से राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।

शिक्षा विभाग से जुड़ा बेहद दुखद और अजीब संयोग
अगर आंकड़ों और घटनाओं पर गौर करें, तो साढ़े तीन साल के छोटे से वक्फा के भीतर झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग की कमान संभालने वाले तीन-तीन मंत्रियों (जगरनाथ महतो, रामदास सोरेन और सुदिव्य कुमार सोनू) का निधन हो चुका है। यह कोई दावा नहीं बल्कि झारखंड की सियासत का एक बेहद दर्दनाक और अजीब इत्तेफाक बन गया है। आज अपने चहेते नेता को अंतिम विदाई देने के लिए गिरिडीह में हजारों लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। भले ही सुदिव्य कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन एक आम कार्यकर्ता से मंत्री पद तक का उनका लंबा संघर्ष झारखंड की राजनीति में हमेशा याद रखा जाएगा।

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.






