शेखपुरा में किसानों के मुद्दों को लेकर CPI का प्रतिरोध मार्च, कहा- सरकार की नीतियों के कारण खेती छोड़ने को मजबूर हैं किसान
बिहार के शेखपुरा में किसानों के मुद्दे पर सीपीआई ने प्रतिरोध मार्च निकाला. पार्टी के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

BIHAR (Sheikhpura): किसानों के पंजीकरण एवं मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए स्थल चयन मे हो रही कथित गड़बड़ी को लेकर शेखपुरा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया. बिहार राज्य किसान सभा के आह्वान पर निकाला गया यह प्रतिरोध मार्च सीपीआई कार्यालय, कार्यानंद शर्मा भवन, लोकनाथ आजाद पथ, स्टेशन रोड से पटेल चौक, खंडपर, कटरा चौक होते हुए चांदनी चौक तक गया. वहां से बाबा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के पास पहुंचकर सीपीआई कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारीबाजी की. 
‘सरकार की नीतियों के कारण खेती छोड़ रहे किसान’
मौके पर सीपीआई जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि आजादी के बाद भी देश के अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. महंगी खाद, बीज एवं बाढ़ और सुखाड़ की भयावह स्थिति के कारण खेती अलाभकारी होती जा रही है. दूसरी ओर केंद्र और राज्य सरकार की कृषि नीति व आर्थिक नीति के कारण किसान खेती छोड़कर दूसरे काम को प्राथमिकता दे रहे हैं. कुल मिलाकर कृषि संकट गहराता जा रहा है, जो देश के विकास के लिए अत्यंत ही खतरनाक है.
खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग
उन्होंने कहा कि खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए. निर्धारित दर पर किसानों को खाद मुहैया कराई जाए. सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदारी सुनिश्चित की जाए. सभी प्रकार का कृषि ऋण माफ किया जाए. फसल बीमा लागू किया जाए. मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जीरामजी करने की आड़ में उसे बंद करने की साजिश पर रोक लगाई जाए. जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए एवं किसानों को जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य पर मुआवजा दिया जाए. जमीन की दाखिल खारिज में व्याप्त धांधली पर रोक लगाई जाए. साथ ही जिले में निर्माण होने वाले मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय के करीब बनाया जाए.
रिपोर्ट : रंजन कुमार









