Re-NEET Solver Gang : गिरिडीह की इंटर टॉपर पूनम सहित 30 लोग गिरफ्तार, माता-पिता ने कहा- "मिलने तक नहीं जाएंगे"
गिरिडीह के बिरनी प्रखंड की रहने वाली और वर्ष 2021 की इंटर साइंस टॉपर पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय में किसी अन्य परीक्षार्थी के स्थान पर नीट की परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया है. इस बड़े खुलासे के बाद बिहार की आर्थिक अपराध शाखा पूरे सॉल्वर गैंग के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है.

Re-NEET Solver Gang : डॉक्टर बनने की चाहत और बार-बार की असफलता के बाद उपजे मानसिक व आर्थिक दबाव ने एक मेधावी छात्रा को अपराध की राह पर धकेल दिया. झारखंड के गिरिडीह जिले की रहने वाली पूनम कुमारी राणा को बिहार के लखीसराय जिला अंतर्गत एक परीक्षा केंद्र से NEET-UG की परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बनकर दूसरे के नाम पर परीक्षा देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. लखीसराय पुलिस और केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी की मुस्तैदी के कारण इस बड़े 'प्रॉक्सी एग्जाम नेटवर्क' और सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है.
इंटर साइंस की टॉपर रही है आरोपी पूनम, बीएचयू की है छात्रा
मामले की जांच में पूनम कुमारी राणा की जो शैक्षणिक पृष्ठभूमि सामने आई है, उसने सबको चौंका दिया है. पूनम मूल रूप से गिरिडीह के बिरनी प्रखंड अंतर्गत बरहमसिया पंचायत के खरटी गांव के रहने वाले बालेश्वर प्रसाद राणा की पुत्री है. उसने राजधनवार से मैट्रिक करने के बाद राँची के प्रतिष्ठित उर्सलाइन स्कूल से वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट साइंस की परीक्षा पास की थी, जिसमें वह शानदार अंक लाकर टॉपर सूची में शामिल रही थी. उसका सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन तीन बार नीट परीक्षा देने के बाद भी मनमुताबिक रैंक नहीं मिलने के कारण अंततः उसने वर्ष 2025 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में बीएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिला ले लिया था, जहां वह वर्तमान में पढ़ाई कर रही थी.
सॉल्वर गैंग के चंगुल में फंसने की आशंका, EOU कर रही जांच
शुरुआती जांच और बिहार पुलिस के इनपुट के मुताबिक, लखीसराय में री-टेस्ट सेंटर पर पूनम पुलिस के जवानों की आंख में धूल झोंक कर केंद्र के भीतर प्रवेश कर गई थी, लेकिन दंडाधिकारी की तीखी नजरों से नहीं बच सकी. दस्तावेज़ों के मिलान में विसंगति पाए जाने के बाद उसे दबोच लिया गया. जांच में यह बात सामने आई है कि वह किसी बड़े सॉल्वर गैंग के बहकावे या मोटी रकम के लालच में आकर किसी अन्य उम्मीदवार के लिए परीक्षा हल करने आई थी. इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार की आर्थिक अपराध शाखा (EOU) ने भी जांच का जिम्मा संभाल लिया है और पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ रही है.
बेटी के कृत्य से मर्माहत माता-पिता ने कहा- जेल में मिलने भी नहीं जाएंगे
इधर, पूनम की गिरफ्तारी और सॉल्वर गैंग में संलिप्तता की खबर पाकर गिरिडीह के बिरनी स्थित उसके घर में मातम और आक्रोश का माहौल है. लकड़ी का काम करने वाले उसके पिता बालेश्वर प्रसाद राणा और बड़े भाई पंकज राणा ने अत्यंत भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे अपनी जरूरतों को मारकर हर महीने बेटी की पढ़ाई के लिए पांच से सात हजार रुपये भेजते थे. पिता ने अत्यंत दुखी मन से कहा कि बेटी ने उनके पूरे परिवार और गांव की प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिला दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बेटी के इस कृत्य से इतने मर्माहत हैं कि वे उससे जेल में मिलने तक नहीं जाएंगे और कानून उसे जो भी सजा देगा, वह उसकी हकदार होगी.
(गिरिडीह से मनोज कुमार पिंटू की रिपोर्ट)
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