Jharkhand (Ranchi): शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर रांची नगर निगम सक्रिय है. दरअसल, आवारा कुत्तों के मामले में Supreme Court के हाल ही में दिए निर्देश के बाद राजधानी रांची में शेल्टर होम का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है. जिसमें करीब 2000 आवारा कुत्तों को रखने की तैयारी चल रही है.
बता दें, रांची के हेहल अंचल में इसके लिए करीब डेढ़ एकड़ जमीन भी चिन्हि्त कर ली गई है. इसके लिए अब डीपीआर तैयार किया जाएगा, टेंडर निकाला जाएगा और उसके बाद भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी जाएगी. हेहल अंचल में बनने वाले इस शेल्टर होम में सार्वजिनक जगहों, खुली सड़कों पर भटकने वाले और बीमार आवारा कुत्तों को रखा जाएगा. जहां इलाज के साथ उनका बंध्याकरण (Sterilization) और एंटी-रेबीज टीकाकरण भी किया जाएगा. 
इसके अलावे रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) ने शहर के करीब 53 वार्डों में डॉग फीडिंग जोन बनाने के कदम उठाए हैं जिसका मकसद अवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती परेशानियों को रोकना, यह सुनिश्चित करना कि उनके खाने का इंतजाम रेगुलार हो और इससे किसी सार्वजनिक जगहों पर कोई बाधा या रुकावट उत्पन्न न हो. बता दें, अवारा कु्त्तों के मामले में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आवारा जानवरों को सार्वजनिक क्षेत्रों, सड़कों के आसपास से हटाकर किसी तय आश्रय स्थल में भेजने का निर्देश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 13 जनवरी क्या कहा?
मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि आवारा कुत्तों को उचित नसबंदी और टीकाकरण के बाद तुरंत आश्रय स्थलों में भेजा जाए. बता दें, 7 नवंबर 2025 के अपने उस आदेश में बदलाव की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्रों और सड़कों से अधिकारियों को कोर्ट ने आवारा जानवरों को हटाने का निर्देश दिया गया था. वहीं, 13 जनवरी को कोर्ट ने कहा था कि वह कुत्तों के काटने की घटनाओं पर राज्यों से 'भारी मुआवजा' दिलाने और ऐसे मामलों में कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जिम्मेदार ठहराने पर विचार करेगा. पिछले 5 साल से आवारा जानवरों से जुड़े नियमों को लागू न किए जाने पर भी सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की थी.
शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और रेल स्टेशनों जैसे सार्वजनिक जगहों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में 'चिंताजनक वृद्धि' को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को निर्देश दिया था कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद तुरंत आवारा कुत्तों को तय आश्रय स्थलों में भेजा जाए. कोर्ट ने यह निर्देश भी कहा था कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को उनकी पुरानी जगह पर फिर से नहीं छोड़ा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से सभी मवेशियों और अन्य आवारा जानवरों को हटाने का भी निर्देश दिया था.









