सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, क्या है राजधानी समेत विभिन्न जिलों में बंद का असर?
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनके नेता के हत्याकांड के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की जाए. उनका आरोप है कि जमीन की कालाबाजारी का शिकार बनाया गया है आदिवासी नेता सोमा मुंडा को, जिसमें पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है.

JHARKHAND (RANCHI): आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा आज (शनिवार) बंद झारखंड बंद का आह्वान किया गया था. राज्य भर के अलग-अलग हिस्सों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है. राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों से स्थिति सामान्य रहने की खबर आ रही है. हालांकि खूंटी जिले में बंद का असर अब तक सबसे ज्यादा देखा जा रहा है. सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतरकर नारेबाजी करते देखे जा सकते हैं. सरकार विरोधी नारों के बीच टायर जलाकर प्रदर्शनकारियों द्वारा विरोध जताने के साथ सोमा मुंडा के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है.

अल्बर्ट एक्का चौक पर क्या है स्थिति?
प्रदर्शनकारियों ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आवागमन को पूरी तरह से रोक रखा है. जिसमें स्कूल से लौट रहे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनके नेता के हत्याकांड के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की जाए. उनका आरोप है कि जमीन की कालाबाजारी का शिकार बनाया गया है आदिवासी नेता सोमा मुंडा को, जिसमें पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है.
रांची-जमशेदपुर एनएच 33 पर बुंडू में भी बंद का असर दिख रहा है. रांची से कर्रा, रांची से खूंटी, रांची से चुकरु मोड़, खूंटी से चाईबासा और सिमडेगा की तरफ जाने वाले रास्तों पर परिचालन प्रभावित हुआ है. रांची के ग्रामीण इलाके में बंद को लेकर सुबह से ही संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए हैं. रांची के चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके और पिठोरिया में सड़क जाम और आगजनी कर कई जगह बंद को सफल बनाने की कोशिश की गई. कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया.
खूंटी में बंद का कैसा है असर?
खूंटी जिला से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर आवागन प्रभावित हुआ है. कई जगहों पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है. राजधानी से अधिक बंद का असर खूंटी में दिख रहा है.

शहर के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं. एनएच पर हुटार चौक के पास लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. जिला के सभी चौक चौराहों पर प्रदर्शनकारी घूम घूमकर संस्थान या दुकानों को बंद करा रहे हैं. जिले के इक्का-दुक्का पेट्रोल पंप ही खुले हुए हैं.
रांची के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास जारी है. कई इलाकों में आवागमन आंशिक रूप से ठप है. वहीं, बंद समर्थकों ने शहर में घुसकर अल्बर्ट एक्का चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया. इधर, बंद को देखते हुए रांची, खूंटी समेत कई जिलों में शुक्रवार को एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई.

क्या है संगठनों की मांगें?
बंद समर्थक आदिवासी संगठनों ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि सोमा मुंडा की हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला नहीं, बल्कि जमीन, जंगल और जल की रक्षा के लिए उठने वाली संघर्षपूर्ण आवाज को कुचलने की सुनियोजित साजिश है. संगठनों ने इसे आदिवासी अधिकारों पर हमला करार दिया है.
अन्य जिलों में बंद का हाल
रामगढ़ के कुज्जू थानाक्षेत्र के नया मोड़ में आदिवासी समाज के लोगों ने एनएच 33 को कुछ देर के लिए जाम किया. पाकुड़ में बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है. चतरा में जनजीवन सामान्य है. साहिबगंज में भी बंद का कोई असर फिलहाल नहीं है. गुमला में भी स्थिति सामान्य है. गिरिडीह में भी कोई असर नहीं दिख रहा है. दुमका में आम दिनों की तरह दुकानें और प्रतिष्ठान खुले हुए हैं. सिमडेगा में एनएच 143 को जाम करने की कोशिश की गई लेकिन प्रशासन ने थोड़ी देर में ही जाम हटवा दिया. सरायकेला में भी बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है. गोड्डा में भी आवागमन सामान्य है. इसके अलावा पलामू, गढ़वा, लोहरदगा और लातेहार में भी स्थिति सामान्य है.

गोली मारकर कर दी गई थी आदिवासी नेता की हत्या
बता दें कि 7 जनवरी को खूंटी में जमुआदाहा के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. इस हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद बुलाया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. हालांकि खूंटी पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताते हुए पिछले दिनों सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन लोगों का कहना है कि शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही हैं.









