ब्याज दरों में नहीं हुया बदलाव, Repo Rate 5.25% पर बरकरार
वैश्विक चुनौतियों के बीच MPC का फैसला, निवेशकों की नजर आगे की नीति पर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की Monetary Policy Committee (MPC) ने जून 2026 को हुई समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत दरों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की नेतृत्व में हुई तीन दिन की बैठक के बाद समिति ने एकमत होकर Repo Rate को 5.25% पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही Standing Deposit Facility (SDF) दर 5.0% अथवा Marginal Standing Facility (MSF) और बैंक रेट को 5.50% पर स्थिर रहा। यह निर्णय बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रहा, क्योंकि ज्यादातर विशेषज्ञों ने दरों में किसी भी पाकर के बदलाव की संभावना नहीं जताई थी।
RBI ने दिसंबर 2025 में आखिरी बार Repo Rate में 25 Basis Points (bps) की कटौती करी थी। केंद्रीय बैंक के द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 125 bps की कटौती की गई थी, जिसके बाद नीतिगत दर मौजूदा स्तर पर पहुंचे है। अप्रैल 2026 की समीक्षा में भी बैंक ने ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव की वैसे का वैसा ही बनाए रखा था।
हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने केंद्रीय बैंक के लिए नई समस्याएं खड़ी कर दी हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिका-ईरान से जुड़ी अस्थिरता और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। वहीं, रुपये पर दबाव और बाहरी महंगाई को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। अब बाजार की निगाहें RBI के आगामी रुख पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के निर्णय महंगाई, आर्थिक वृद्धि, तरलता की स्थिति और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।
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