चतरा-गया रोड पर दुर्घटना को दावत दे रहे सूखे और सड़क पर झूलते पेड़, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
आंधी-तूफान के वक्त पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिरने का खतरा रहता है. चतरा में गया जाने वाली मुख्य मार्ग पर कई पेड़ ऐसे हैं, जिनके कारण कभी भी हादसा हो सकता है.

Chatra, Jharkhand: गया-चतरा मुख्य मार्ग पर स्थित चिमटी रेस्टोरेंट के समीप सड़क किनारे खड़े सूखे और झूलते पेड़ राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं. यहां दो विशालकाय सूखे पेड़ तथा एक आम का पेड़ सड़क के ऊपर तक झूल रहा है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
स्थानीय लोगों और होटल संचालक के अनुसार, कई बार बस, कार और दोपहिया वाहन इन पेड़ों की चपेट में आ चुके हैं. हाल ही में एक सड़क पर झूलता पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा. संयोग अच्छा रहा कि उसी समय गया जी की ओर जा रही एक यात्री बस कुछ सेकेंड पहले वहां से गुजर चुकी थी. यदि बस की रफ्तार थोड़ी धीमी होती और वह दो सेकेंड बाद वहां पहुंचती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था. स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और तेज हवा के दौरान सूखे पेड़ की टहनियां टूट टूटकर न सिर्फ गिरती रहती है बल्कि सड़क पर झूलते पेड़ के उखड़कर सड़क पर गिर जाने का खतरा भी बना रहता है. बावजूद इसके अब तक संबंधित विभाग द्वारा इन्हें हटाने की कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
होटल संचालक समेत स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से अविलंब कार्रवाई करते हुए सूखे एवं सड़क पर झूल रहे पेड़ों को हटाने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
(चतरा से मो. रिजवान की रिपोर्ट)
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