ट्रेड समझौते से पहले अमेरिका का बड़ा कदम, 60 देशों की सूची में भारत भी शामिल
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत के बीच अमेरिका ने जबरन श्रम (Forced Labour) से जुड़े उत्पादों पर सख्त रुख अपनाया, 60 देशों की सूची में भारत का नाम शामिल होने से व्यापारिक हलकों में बढ़ी चिंता।


भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के बीच अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव रखकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने आरोप लगाया है कि भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक नहीं लगाई है।
USTR की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सहित 54 देशों ने जबरन श्रम से जुड़े उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। इसके आधार पर अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रस्ताव दिया है।
अमेरिका का कहना है कि जबरन श्रम से बने उत्पाद वैश्विक बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं और अमेरिकी उद्योगों व श्रमिकों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह प्रस्ताव अमेरिकी व्यापार कानून की सेक्शन 301 जांच के तहत सामने आया है, जो कथित अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देता है।
हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। अमेरिकी प्रशासन ने इस पर सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है और अपने हितों की रक्षा करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। ऐसे में प्रस्तावित शुल्क भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को प्रभावित कर सकता है और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई चुनौतियां पैदा कर सकता है।

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