अमेरिका में ग्रीन कार्ड पुनर्जांच: 19 देशों के नागरिकों पर सख्ती, भारत पर क्या होगा असर?
वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड पर हुए हमले के बाद, Donald Trump ने आदेश दिया है कि 19 “countries of concern” से आए सभी ग्रीन कार्ड धारकों की गहन पुनः-जांच (re-examination) की जाए. यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है - लेकिन इससे भारत से आए लोगों पर कोई असर नहीं होगा.

GLOBAL DESK: वॉशिंगटन डी.सी. में हुए हमले की घटना ने अमेरिका की इमिग्रेशन - और विशेष रूप से ग्रीन कार्ड प्रणाली - पर अप्रत्याशित दबाव डाल दिया है. बुधवार को दो नेशनल गार्ड जवानों पर हुए हमले के बाद, जिन्हें गोली लगने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, घटना की देहांत जानकारी सामने आई है. संदिग्ध एक अफगान नागरिक है, जिसे 2021 में आश्रय (asylum) के जरिए अमेरिका में प्रवेश दिया गया था.
इस घटना के बाद, प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया. USCIS (अमेरिकी नागरिकता एवं इमिग्रेशन सेवा) के निदेशक Joseph Edlow ने कहा कि उन्होंने “पूरी तरह कठोर और full-scale” पुनः जांच (re-examination) का आदेश जारी किया है, यह निर्देश सीधे Donald Trump की ओर से आए हैं. उनका कहना है कि ग्रीन कार्ड धारकों की पृष्टभूमि, देश की पहचान, और सुरक्षा जोखिम को फिर से परखा जाएगा.
किन देशों के लोग होंगे प्रभावित - और क्या भारत शामिल है?
पुन: जांच की सूची में कुल 19 देश शामिल हैं, जिन्हें प्रशासन ने पहले ही “countries of concern” के रूप में चिन्हित कर रखा था. इन देशों में शामिल हैं: अफगानिस्तान, बर्मा (म्यांमार), चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेज़ुएला.
जबकि यह कदम कुछ देशों के लिए पूरी तरह प्रवेश बंदी है, तो कुछ के लिए आंशिक प्रतिबंध लागू है.
भारत इससे प्रभावित नहीं होगा. भारत इस 19-देशों की सूची में नहीं है. इसीलिए, भारत से आने वाले ग्रीन कार्ड होल्डर्स या वीजा आवेदकों पर इस नई समीक्षा का कोई असर नहीं होगा.
प्रशासन का मकसद - सुरक्षा या विश्वासघात?
प्रशासन का कहना है कि यह कदम “पूर्व में हुए व्यापक पुनर्वास (resettlement) और त्वरित स्वीकृति प्रक्रियाओं” के दौरान सुरक्षा चिंताओं को हल्के में लेने के जवाब में है. USCIS ने नई गाइडलाइन दी है जिसमें आवेदक के देश की पहचान, उसकी वेरिफायबिलिटी (जैसे कि पहचान-पत्रों की विश्वसनीयता), पृष्ठभूमि जांच और सुरक्षा जोखिम को गहनता से देखा जाएगा.
उसी समय, critics कहते हैं कि एक व्यक्ति की गलत हरकत के आधार पर इतनी व्यापक समीक्षा और संभावित वीजा प्रतिबंध पूरे समुदाय के लिए अस्थिरता और डर पैदा कर सकती है. लेकिन प्रशासन का रुख स्पष्ट है: “अमेरिकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता”.









