झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, जगुआर और डॉग स्क्वॉड ने खंगाला कोना-कोना
झारखंड विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया।

Ranchi: झारखंड विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। अज्ञात ईमेल आईडी से भेजे गए इस धमकी भरे संदेश के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं और आनन-फानन में पूरे विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुबह के वक्त पूरे परिसर में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
झारखंड जगुआर और श्वान दस्ते ने चलाया सघन सर्च अभियान
धमकी मिलते ही झारखंड जगुआर की बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और श्वान दस्ता (Dog Squad) की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा बलों ने विधानसभा भवन के मुख्य हॉल, गलियारों, कार्यालयों, पार्किंग एरिया और बाहरी परिसर के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली। कई घंटों तक चले इस गहन सर्च ऑपरेशन के बाद परिसर से कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई, जिसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
विधानसभा थाने में प्राथमिकी दर्ज, IP एड्रेस ट्रैक करने में जुटी पुलिस
इस गंभीर मामले को लेकर झारखंड विधानसभा के एक पदाधिकारी द्वारा रांची के विधानसभा थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। विधानसभा थाना प्रभारी दिनेश ठाकुर ने बताया कि पुलिस की तकनीकी सेल और साइबर विंग ईमेल के सोर्स, ओरिजिन और आईपी एड्रेस को ट्रैक व सत्यापित करने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि यह ईमेल किस डिवाइस और डिजिटल नेटवर्क के जरिए भेजा गया है तथा इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या यह केवल दहशत फैलाने के लिए किया गया 'हॉक्स कॉल' (झूठी धमकी) है।
छह महीनों में कलेक्ट्रेट, कोर्ट और पासपोर्ट ऑफिस को भी मिल चुकी हैं धमकियां
गौरतलब है कि राजधानी रांची में इस तरह की फर्जी और धमकी भरे ईमेल का यह पहला मामला नहीं है। पिछले करीब छह महीनों के दौरान रांची के कई अति-संवेदनशील और महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों को निशाना बनाने की कोशिश की जा चुकी है। इससे पूर्व रांची समाहरणालय (कलेक्ट्रेट), सिविल कोर्ट और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं। इन लगातार आ रही धमकियों के मद्देनजर अब सभी प्रमुख प्रशासनिक भवनों की डिजिटल निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है।

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