पत्नी की हत्या के लिए पति ने दी 2 लाख की सुपारी, 72 घंटे में पुलिस ने खोली साजिश की परतें
न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर आसीन संतोष साह ने ही अपनी पत्नी को मारने के लिए साजिश रची थी. हालांकि गोली लगने के बाद भी वंदना (संतोष की पत्नी) खतरे से बाहर है. वही पुलिस ने भी इसका खुलासा महज 72 घंटे में कर, आरोपी को बेनकाब कर दिया है.

Jharkhand (Godda): जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधीग्राम के करीब हुए गोलीकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था. लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला है इस मामले में गोड्डा पुलिस का खुलासा. महज 72 घंटे के भीतर पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मजिस्ट्रेट संतोष साह (पति) ने दी थी सुपारी
गोड्डा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने प्रेसवार्ता के जरिए पूरे मामले का खुलासा किया. एसपी के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पीड़िता का अपना पति है. एसपी मुकेश कुमार ने बताया कि बंदना कुमारी से छुटकारा पाने के लिए उसके पति ने न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष साह के माध्यम से बिहार के कहलगांव के एक शूटर को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी. साजिश के तहत तय हुआ कि कोर्ट से घर लौटते वक्त रास्ते में ही वंदना को गोली मारकर रास्ते से हटा दिया जाएगा. गोड्डा कोर्ट से घर जा रही वंदना पर गांधीग्राम के पास शूटर ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी. हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. गोली लगने के बावजूद वंदना की जान बच गई.
'जाको राखे साइयां, मार सके ना कोए' यह कहावत इस घटना पर पूरी तरह फिट बैठती है. पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो सभी बिहार के कहलगांव के रहने वाले हैं. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और सुपारी किलिंग के पीछे के अन्य आरोपियों को भी खंगाल रही है.
दिनदहाड़े हुए गोलीकांड के बाद जहां इलाके में दहशत थी, वहीं 72 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे जितनी चालाकी करें, कानून से बच नहीं सकते. फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
रिपोर्ट: प्रिंस यादव









