पर्वतारोही समीरा खान कर रही बच्चियों को जागरूक, 37 देशों का कर चुकी हैं साइकिल से भ्रमण
पर्वतारोही समीरा खान पूरे देश में साइकिल से भ्रमण कर बच्चियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यात्रा कर रही हैं. स्कूलों में जा-जाकर बच्चियों को जागरूक करती हैं, साथ ही माता-पिता को बच्चियों की पढ़ाई में खर्च करने के लिए भी जागरूकता फैलाती हैं.

Jharkhand (Ranchi): आंध्र प्रदेश की रहने वाली पर्वतारोही समीरा खान ग्रामीण बच्चियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पूरे देश में साइकिल यात्रा पर निकली है. साइकिल यात्रा मई 2025 से शुरू की है, जो पूरे देश में घूम-घूम कर स्कूलों में जाकर लड़कियों को सशक्त बनाने को लेकर अपनी बातों को रख रही है. समीरा ने बताया कि वह 37 देश में साइकलिंग कर चुकी है. उन्होंने कहो कि ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कों व लड़कियों में काफी भेदभाव देखा जाता है. हमें इस भेदभाव को दूर करना है. हमें ग्रामीण लड़कियों को मजबूत और सशक्त बनाना है.

"बेटियों की पढ़ाई में करें विशेष खर्च"
समीरा ने कहा कि समाज में बेटों को खुली आजादी है लेकिन बेटियों को एक बंधन में बांध कर रखा जाता है. उन्होंने कहा कि हमें समाज की यह परिस्थिति बदली जाए, इस ओर कार्य करने की बहुत अधिक आवश्यकता है. बेटियां सिर्फ घर बसाने और बच्चे पैदा करने को लेकर सीमित कर दी गई हैं. समीरा कहती हैं कि बेटियों को यह बात अपने घर में उठानी होगी कि जितना खर्च माता-पिता बेटियों की पढ़ाई में करते हैं उतना खर्च यदि बेटियों के करियर पर करें तो अपनी शादी का खर्च वे खुद ही उठा सकती हैं. उनका कहना है कि हमें बेटियों को सशक्त बनाने पर ध्यान देना चाहिए.
"लड़कियों को है स्वतंत्रता से फैसले लेने का अधिकार"
क्योंकि बेटियों को भी अधिकार है कि वह स्वतंत्र होकर अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने की दिशा में फैसला ले पाएं. समीरा ने बताया कि वह जिस भी स्टेट में जाती हैं, पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा में प्रदेश का भ्रमण करने में सहायता करती है.
रिपोर्ट: संजीव कुमार सिंह









