Bihar Legislative Council: बिहार विधान परिषद में मंगलवार, 10 फरवरी को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी और विपक्षी दलों के सदस्यों को सदन से बाहर कर दिया गया.
राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की बात सुने बिना ही उन्हें बाहर जाने का आदेश दे दिया गया और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया.
सदन से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने कहा, आज हमें सदन से बाहर कर दिया गया. हमारी बात नहीं सुनी गई. अध्यक्ष की ओर से आदेश आया है कि हम 12 घंटे तक सदन में प्रवेश नहीं कर सकते, इसलिए हम बाहर जा रहे हैं. राबड़ी देवी ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है.
किस मुद्दे पर हुआ हंगामा? 12 घंटे के लिए सदन से बाहर
हालांकि सदन में हंगामे की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार विपक्ष पटना नीट छात्रा दुष्कर्म केस समेत कुछ अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा था. इसी दौरान बहस बढ़ी और स्थिति हंगामे में बदल गई, जिसके बाद अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए विपक्षी सदस्यों को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया.
राबड़ी देवी के मुताबिक, सदन के अध्यक्ष की ओर से आदेश दिया गया है कि उन्हें और अन्य विपक्षी सदस्यों को 12 घंटे तक सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. इस आदेश के बाद विपक्ष के सदस्य सदन से बाहर निकल गए.
विपक्ष ने कार्रवाई को बताया पक्षपातपूर्ण
विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए सरकार और अध्यक्ष पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि सदन में सवाल उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाय कार्रवाई का सहारा ले रही है. इस घटनाक्रम के चलते विधान परिषद की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया.
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. विपक्षी दल इसे लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं पर हमला बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया. अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या इस मुद्दे पर आगे कोई सुलह का रास्ता निकलता है या बिहार विधान परिषद में सियासी टकराव और तेज होता है.
विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट
दूसरी ओर बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए विपक्ष मंगलवार को सदन से वॉकआउट कर गया. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस तरह से विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी संग दुर्व्यवहार किया वह एक महिला का अपमान है. यह माफी योग्य नहीं है. मुख्यमंत्री ने राबड़ी देवी के लिए जिस तरह से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, पहले मुख्यमंत्री को अपना इलाज करना चाहिए. उनको समय पर दवा खानी चाहिए.
भाई वीरेंद्र ने कहा, "जिस तरह से नीतीश कुमार बिहार की महिलाओं का अपमान कर रहे हैं यह बर्दाश्त नहीं होगा. जिस तरह दोनों सदनों में मुख्यमंत्री ने नेता विरोधी दल के नेताओं के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है और अपमान करने का काम किया है… अविलंब मुख्यमंत्री जी को सदन में ही माफी मांगनी चाहिए."
भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि चुनाव से पहले 10000 और चुनाव के बाद हत्या-बलात्कार यह नहीं चलेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल (सोमवार) सदन में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अपमानित किया. कुछ दिनों पहले एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने की कोशिश कर रहे थे, तो कहीं न कहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है.








