किताबों के अभाव में लड़खड़ा रही पढ़ाई, गिरिडीह के स्कूल में छात्राओं की शिक्षा पर सवाल
गिरिडीह के रानी लक्ष्मी बाई कन्या मध्य विद्यालय में छात्राओं को नई किताबें नहीं मिलीं. शिक्षकों ने भी कमी मानी. पढ़ाई प्रभावित है, जबकि सरकार शिक्षा सुधार के दावे कर रही है.

Jharkhand (Giridih): कड़ी धूप के बीच शनिवार को Naxatra News की टीम शहर के रानी लक्ष्मी बाई कन्या मध्य विद्यालय पहुंची, जहां सरकारी स्कूलों की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में नजर आई. शहर के बीच स्थित यह दशकों पुराना विद्यालय आज भी बुनियादी शैक्षणिक समस्याओं से जूझता दिखा.
राज्य सरकार द्वारा शिक्षा बजट बढ़ाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच, जमीनी हकीकत कुछ अलग ही नजर आई. स्कूल में छात्राओं और शिक्षिकाओं से बातचीत के दौरान कई खामियां सामने आईं.
छात्रा खुशी ने बताया कि वह कई वर्षों से इसी विद्यालय में पढ़ रही है. वहीं, छात्रा मानसी ने कहा कि नए सत्र की किताबें अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं. ऐसे में छात्राएं पुराने छात्रों से किताब मांगकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
एक अन्य छात्रा ने बताया कि नियमित पढ़ाई होती है, लेकिन जो विषय समझ में नहीं आता, उसे प्रोजेक्टर और टीवी के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाया जाता है. स्कूल की शिक्षिका भवानी कुमारी ने स्वीकार किया कि भीषण गर्मी के कारण छात्राओं की उपस्थिति प्रभावित हुई है. उन्होंने यह भी माना कि अभी तक किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं, जिससे पढ़ाई पर असर पड़ रहा है.
इंग्लिश विषय की शिक्षिका पल्लवी प्रबोध ने भी इस समस्या को स्वीकारते हुए कहा कि किताबों की कमी के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है. उन्होंने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक की छात्राओं का परीक्षा परिणाम आ चुका है, लेकिन नए सत्र की किताबें अब तक नहीं मिली हैं.
हालांकि, उन्होंने स्कूल में साफ-सफाई और शौचालय व्यवस्था को संतोषजनक बताया. लेकिन जब एक छात्रा से अंग्रेजी विषय से संबंधित सवाल पूछा गया, तो वह जवाब नहीं दे सकी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
कुल मिलाकर, किताबों की अनुपलब्धता और कमजोर शैक्षणिक स्थिति यह संकेत देती है कि छात्राएं केवल मध्याह्न भोजन और औपचारिक उपस्थिति तक सीमित होती जा रही हैं.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू
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