विश्व पर्यावरण दिवस पर मेदिनीनगर में कार्यक्रम का आयोजन: राधाकृष्ण किशोर ने कहा- पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से हो पालन
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अपने संबोधन में राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदाओं से समृद्ध राज्य है, अतः खनन गतिविधियों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है.

Medininagar, Jharkhand: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर “प्रकृति से प्रेरित: जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” थीम के अंतर्गत डॉ. आंबेडकर पार्क, मेदिनीनगर में एक भव्य एवं जागरूकता परक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास एवं जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के उपरांत उत्तर कोयल नदी के तट पर व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई.
पर्यावरण संरक्षण का संविधान में उल्लेख
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रभागीय वन पदाधिकारी द्वारा उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया गया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है. उन्होंने भारतीय संविधान में पर्यावरण संरक्षण के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया कि अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन का मौलिक अधिकार स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण को भी सम्मिलित करता है. साथ ही अनुच्छेद 51A(ग) नागरिकों को प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा एवं संवर्धन का कर्तव्य प्रदान करता है तथा अनुच्छेद 48A राज्य को पर्यावरण संरक्षण के लिए नीति निर्माण हेतु निर्देशित करता है.
पर्यावरणीय संतुलन बेहद आवश्यक: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
इसके उपरांत मुख्य अतिथि माननीय वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अपने संबोधन में राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदाओं से समृद्ध राज्य है, अतः खनन गतिविधियों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने खनन के उपरांत भूमि के पुनर्वास, वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं जैव विविधता के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास ही भविष्य का मार्ग है, जिसमें आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण दोनों का संतुलन अनिवार्य है.

सांसद वीडी राम ने की एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना
इसके बाद माननीय सांसद वी. डी. राम ने अपने संबोधन में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है, बल्कि समाज को भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी है. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपनी माताओं के सम्मान में एक-एक पौधा अवश्य लगाएं तथा उसकी देखभाल सुनिश्चित करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण मिल सके.
कार्यक्रम में महापौर, विश्वविद्यालय के कुलपति, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका, जनजागरूकता अभियान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता एवं हरित पहल की आवश्यकता पर बल दिया.
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन उत्तर कोयल नदी के तट पर स्वच्छता अभियान के साथ हुआ. इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, छात्रों एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लिया.
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