“बेस्ट सैंड स्कल्पचर आर्टिस्ट ऑफ द ईयर” अवार्ड पाने वाले भारत के पहले आर्टिस्ट बने मधुरेंद्र
भारत गौरव से सम्मानित मधुरेंद्र कुमार अब तक दुनिया के 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट चैंपियनशिप और फेस्टिवल्स में भाग लेकर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुके हैं.

बिहार (मुंगेर): भारतीय सैंड आर्ट को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार को रेत कला के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और जन-जागरूकता से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट सैंड स्कल्पचर निर्माण के लिए “बेस्ट सैंड स्कल्पचर आर्टिस्ट ऑफ द ईयर” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
मधुरेंद्र को भूटान के थिम्फू में मिला सम्मान
यह सम्मान उन्हें रविवार को भूटान की राजधानी थिम्फू स्थित नामसेलिंग बुटीक होटल, फेंडेय लाम में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय अचीवर्स अवॉर्ड फेस्टिवल 2025 के दौरान प्रदान किया गया. आयोजकों ने स्पष्ट किया कि मधुरेंद्र कुमार को यह पुरस्कार रेत से विशाल और जीवंत कलाकृतियों के निर्माण, सामाजिक संदेशों जैसे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और मानव मूल्यों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने तथा लगातार अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण दिया गया है.
साल 2025 में मधुरेंद्र कुमार की रेत कला को लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला. इसके अलावा उन्हें भारत गौरव सम्मान और डॉ. भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय सम्मान से भी नवाजा गया. इन्हीं उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर उन्हें भूटान में वर्ष 2025 का “वर्ष का सर्वश्रेष्ठ सैंड स्कल्पचर कलाकार” घोषित किया गया.
पहली बार किसी भारतीय को मिला यह सम्मान
जेडीएन ग्रुप ऑफ बिजनेस के संस्थापक जैक्सन डुक्पा ने मधुरेंद्र कुमार को अंगवस्त्र, मेडल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया. उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार किसी भारतीय सैंड आर्टिस्ट को प्रदान किया गया है. कार्यक्रम में ग्लोबल विलेज कनेक्शन, आईईएचआरएससी, शे-साइकिल सॉल्यूशन भूटान तथा भारत एबीएम के फाउंडर अमोल भगत भी मौजूद रहे.
50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता
भारत गौरव से सम्मानित मधुरेंद्र कुमार अब तक दुनिया के 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट चैंपियनशिप और फेस्टिवल्स में भाग लेकर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुके हैं.
"यह सम्मान मेरी रेत कला के सामाजिक उद्देश्य को मिली पहचान है"
मधुरेंद्र कुमार ने कहा यह सम्मान मेरी रेत कला के सामाजिक उद्देश्य को मिली पहचान है. मैं इसे अपने देश भारत, बिहार की धरती और उन सभी लोगों को समर्पित करता हूं जिन्होंने मेरी कला और मेरे संदेश को समझा और समर्थन दिया.









