ज्योति - पवन के भरण-पोषण केस में कोर्ट नहीं पहुंचे पवन सिंह, एक चूक हुई और लग गया जुर्माना
भोजपुरी अभिनेता और भाजपा एमएलसी पवन सिंह भरण-पोषण से जुड़े मामले की सुनवाई में बलिया परिवार न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।


भोजपुरी अभिनेता और BJP MLC पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे कानूनी विवाद में नया अपडेट सामने आया है। भरण-पोषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी गैरहाजिरी पर बलिया परिवार न्यायालय ने ₹1000 का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई में पवन सिंह को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
ज्योति सिंह ने दाखिल की है भरण-पोषण की याचिका
यह मामला पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह की ओर से दाखिल की गई भरण-पोषण की याचिका से जुड़ा है। ज्योति सिंह ने करीब तीन साल पहले परिवार न्यायालय में यह याचिका दायर की थी। इसके बाद से मामले में लगातार सुनवाई चल रही है। बलिया परिवार न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पवन सिंह की गैरहाजिरी पर अदालत ने ₹1000 का हर्जाना लगाया। कोर्ट ने अगली तारीख पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
शादी और प्रताड़ना को लेकर याचिका में लगाए आरोप
ज्योति सिंह की याचिका के मुताबिक, उनकी और पवन सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। याचिका में उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई बातें अदालत के सामने रखी हैं।
ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर मानसिक प्रताड़ना और अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनसे दहेज में कार की मांग की गई थी। हालांकि, ये आरोप ज्योति सिंह की ओर से याचिका में लगाए गए हैं और इन पर अदालत की सुनवाई के दौरान फैसला होना बाकी है।
हर महीने 5 लाख रुपये भरण-पोषण की मांग
ज्योति सिंह ने अदालत से अपने लिए हर महीने 5 लाख रुपये के भरण-पोषण की मांग की है। याचिका में उन्होंने पवन सिंह की सालाना कमाई करीब 10 करोड़ रुपये होने का दावा किया है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से गुजारा भत्ता दिलाने की मांग की है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान संबंधित दावों और पक्षों पर विचार किया जाएगा।
लंबे समय से चर्चा में है पवन-ज्योति का विवाद
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच पारिवारिक विवाद पिछले कई वर्षों से चर्चा में रहा है। अब यह मामला परिवार न्यायालय तक पहुंच चुका है और भरण-पोषण की याचिका पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। ज्योति सिंह अपने राजनीतिक सफर को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
अब 5 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी, जिसमें पवन सिंह की अदालत में मौजूदगी और मामले की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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