मानसिक रूप से बीमार पुरुषों के लिए पहली बार अलग आश्रय! 50-50 लोगों की होगी क्षमता
बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 से पूर्णिया और गया में दो नए ‘आसरा गृह’ शुरू करेगी। दोनों केंद्रों में 50-50 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी।


गया: बिहार में मानसिक रूप से बीमार और दिव्यांग लोगों के पुनर्वास की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से पूर्णिया और गया में दो नए‘आसरा गृह’ शुरू किए जाएंगे। दोनों केंद्रों में 50-50 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि मानसिक रूप से बीमार पुरुषों के लिए बिहार में पहली बार इस तरह का अलग आश्रय गृह शुरू किया जा रहा है।
देखभाल के साथ शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधा
दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के अनुसार, पूर्णिया और गया में शुरू होने वाले आसरा गृहों में मानसिक रूप से बीमार महिलाओं और पुरुषों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां रहने वाले लोगों के लिए भोजन, आवास और सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी।
इसके अलावा चिकित्सकीय देखभाल और काउंसिलिंग की सुविधा भी दी जाएगी। जरूरत के अनुसार शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि यहां रहने वाले लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा सके। सरकार का उद्देश्य केवल लोगों को आश्रय देना नहीं, बल्कि उनकी जरूरत के मुताबिक देखभाल, प्रशिक्षण और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराना है।
पटना के तीन आसरा गृहों पर बढ़ा दबाव
विभाग के मुताबिक, फिलहाल पटना जिले में तीन आसरा गृह संचालित हैं। इनमें निर्धारित क्षमता से अधिक मानसिक रूप से बीमार महिलाएं और बालिकाएं रह रही हैं। बढ़ते दबाव को देखते हुए राज्य में नए केंद्रों की जरूरत महसूस की गई।
दूसरी ओर, मानसिक रूप से बीमार पुरुषों के लिए बिहार में अभी अलग आसरा गृह की व्यवस्था नहीं है। इसी जरूरत को देखते हुए पूर्णिया और गया में शुरू होने वाले केंद्रों में पुरुषों के लिए भी रहने और देखभाल की व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है। इस पहल से ऐसे लोगों को सुरक्षित वातावरण में रहने के साथ जरूरी चिकित्सा और पुनर्वास सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
दोनों केंद्रों पर हर साल 1.43 करोड़ रुपये खर्च
पूर्णिया और गया के दोनों आसरा गृहों के संचालन के लिए सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है। प्रत्येक गृह के लिए हर साल 62.26 लाख रुपये आवर्ती मद में खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र के लिए 9.60 लाख रुपये अनावर्ती मद में दिए जाएंगे।
दोनों आसरा गृहों के लिए कुल 1 करोड़ 43 लाख 72 हजार 400 रुपये की व्यय स्वीकृति दी गई है। इससे केंद्रों के नियमित संचालन, सुविधाओं और जरूरतमंद लोगों की देखभाल की व्यवस्था की जाएगी।
तय नियमों के अनुसार होगा संचालन
दोनों आसरा गृहों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित संस्था को सौंपी जाएगी। केंद्रों का संचालन पहले से स्वीकृत संकल्प और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि इन केंद्रों के माध्यम से मानसिक रूप से बीमार और दिव्यांग लोगों को सुरक्षित माहौल, बेहतर देखभाल और पुनर्वास की सुविधा मिल सके। खासकर मानसिक रूप से बीमार पुरुषों के लिए पहली बार अलग आश्रय गृह की व्यवस्था को राज्य में पुनर्वास सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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