JPSC आंदोलन रंग लाया!, 14वीं परीक्षा रद्द करने पर बनी सहमति, अब ED और CID करेंगी धांधली की जांच, अब...
तीसरे दौर की वार्ता में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने के मुद्दे पर सहमति बनने की बात सामने आई है। छात्रों की ओर से परीक्षा में गड़बड़ी और पूरी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे

JPSC-JSSC Protest: JPSC परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता में कई अहम मांगों पर सरकार का सकारात्मक रुख सामने आया है। बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बनने की बात कही जा रही है। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत काफी हद तक सफल मानी जा रही है। खबर है कि सरकार ने छात्रों की कई बड़ी मांगों पर अपना सकारात्मक रुख दिखाया है। सबसे बड़ी बात यह है कि विवादों में घिरी 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बन गई है। हालांकि, छात्रों को अभी भी सरकार के लिखित आदेश का बेसब्री से इंतजार है, ताकि इन वादों पर पक्की मुहर लग सके।
रद्द होगी 14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाएं!
लंबे समय से परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तीसरे दौर की वार्ता में बड़ी कामयाबी मिली है। बताया जा रहा है कि बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार ने हामी भर दी है। सिर्फ इतना ही नहीं, साल 2023-25 की बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को भी रद्द करने का प्रस्ताव रखा गया है। छात्रों की इस जोरदार मांग के सामने सरकार का रुख काफी नरम और सहयोगी नजर आया है। अब बस आधिकारिक ऐलान की देरी है।
90 दिन में CID पूरी करेगी जांच, ED भी करेगी पैसों के खेल का पर्दाफाश
परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर भी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। इस पूरे मामले की जांच अब CID के हाथों में सौंपने की बात कही गई है। सबसे अहम बात यह है कि सरकार ने साफ किया है कि महज 90 दिनों के अंदर इस जांच को पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, परीक्षा में हुए आर्थिक लेन-देन और पैसों के बड़े खेल की गहराई से जांच करने के लिए ED की भी एंट्री होने वाली है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई है कि विवादित आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित कराई गई सभी पुरानी परीक्षाओं की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
अब सिर्फ सरकारी आदेश का है इंतजार
भले ही बातचीत की टेबल पर सरकार ने छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगों को मान लिया है, लेकिन अंतिम तस्वीर तब तक साफ नहीं होगी जब तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हो जाता। फिलहाल, तमाम छात्र संगठनों और दिन-रात एक कर रहे अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार के उस आधिकारिक लेटर पर टिकी हुई हैं। फैसले और सहमति की बातों की जैसे ही लिखित पुष्टि होगी, छात्रों का यह बड़ा संघर्ष एक निर्णायक अंजाम तक पहुंच जाएगा।
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