₹26.5 करोड़ से अधिक की हुई अनियमितता, NHM ने रांची सिविल सर्जन को किया शो कॉज
NHM ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, ₹26.5 करोड़ से अधिक की खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में NHM के वित्त निदेशक ने रांची के सिविल सर्जन को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।

Jharkhand (Ranchi): राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के विशेष ऑडिट में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, ₹26.5 करोड़ से अधिक की खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में NHM के वित्त निदेशक ने रांची के सिविल सर्जन को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिला और प्रखंड स्तर दोनों पर नियमों की अनदेखी की गई। सरकारी खरीद प्रक्रिया के तहत जहां टेंडर अनिवार्य था, वहां टेंडर की बजाय केवल कोटेशन के आधार पर खरीद की गई। इतना ही नहीं, नोटिस बोर्ड पर आवश्यक सूचना भी प्रदर्शित नहीं की गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऑडिट टीम ने इसे गंभीर नियम उल्लंघन करार दिया है और पूरी कार्यप्रणाली पर संदेह जताया है। इसके अलावा, 1025 ग्राम स्वास्थ्य समितियों और 241 उपकेंद्रों को कुल लगभग ₹1.99 करोड़ की राशि वितरित की गई, लेकिन खर्च का उपयोग प्रमाण (UC) उपलब्ध नहीं कराया गया। यह भी वित्तीय अनुशासन की कमी को दर्शाता है। जननी सुरक्षा योजना (JSY) में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 5719 महिलाओं को भुगतान किए जाने का दावा किया गया, जिसके तहत लगभग ₹80 लाख खर्च दिखाया गया है। हालांकि, कई लाभार्थियों के रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए या पूरी तरह से गायब हैं। यह मामला स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की गंभीर कमी को उजागर करता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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