Godda News : आवास योजना का लाभ पाने के लिए गरीब से 20 हजार रिश्वत की मांग, बरसात में पंडाल में गुजारते हैं रात
दो गरीब परिवार और इनके मासूम बच्चे घूसखोर सिस्टम की मार झेलने को मजबूर हैं. घर के नाम पर झोपड़ी है, किसी तरह रहते हैं. भारी बारिश होती है तो घर पानी-पानी हो जाता है. मुखिया से आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कहते हैं तो घूस मांगा जाता है.

Godda News : गोड्डा जिले के मेहरमा प्रखंड में एक गरीब परिवार की बेबसी सरकारी वादों की हकीकत बयां कर रही है. मामला घनकुड़िया पंचायत के भैरोनगर गांव का है. जहां एक परिवार तीन के तीन घर सरकारी लाभ से वर्षों से वंचित हैं. फुटगेन और बिजली यादव किसी प्रकार मजदूरी आदि कर परिवार का पालन पोषण करते हैं. उन्हें प्रतिदिन का खर्चा चलाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में उनका नाम सरकारी योजनाओं में आने के बावजूद उनसे 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी जाती है, जिससे उन्हें पक्का घर मिल सके.
बरसात में पंडालों में गुजारते हैं रात
फुटगेन यादव और बिजली यादव दोनों के घर के हालात ऐसे हैं कि जब बरसात होती है तो उन्हें बच्चों सहित सरकारी पंडालों में जाकर रात गुजारनी पड़ती है. फिर जब बारिश छूटती है तो वापस आकर साफ-सफाई कर घर रहने योग्य बनाते हैं.
"खर्चा नहीं दोगे तो कहां से हो पाएगा.."
बिजली यादव ने बताया कि जब भी आवास योजना में लोगों के नामों की लिस्ट आती है तब उसमें उनका भी नाम होता है. लेकिन योजना पास नहीं हो पाती. इस बार भी लिस्ट में उनका नाम है और मुखिया ने हजारों रुपयों की मांग रख दी है. उन्होंने बताया कि खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर कुछ लोग उनके घरों की तस्वीर लेने आए थे. जिन्होंने मुखिया का नाम लेकर 4 सौ रुपये भी ले लिए. जिसके बाद भी कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई. वहीं जब उन्होंने मुखिया, जिनका नाम जंगबहादुर बताया जा रहा है, के पास जाकर योजना का लाभ दिलाने के लिए कहा तो मुखिया आनाकानी करने लग गया. उसने 20 हजार की मांग की और कहा कि- "इतना दौड़ना पड़ता है, खर्चा नहीं दोगे तो कहां से हो पाएगा.."
मजदूरी का काम करता फुटगेन यादव

गरीबों तक नहीं पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
दोनों परिवारों की आर्थिक तंगी आसमान छू रही है. कोरोना के समय भी बताया जा रहा है कि उन्हें राशन-पानी गांव वालों की मदद से मुहैया कराया गया था. ऐसे में सरकारी मुलाजिम हजारों रुपये घूस की डिमांड करते हैं. वहीं सीएम और राज्य मंत्रिमंडल राज्य के आखिरी व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचने का दावा करते हैं. केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना और राज्य की अबुआ आवास जैसी सार्थक योजनाएं गरीबों को छत दिलाने के लिए चलाई जा रही हैं. लेकिन लोकल लेवल पर घूसखोरी की मार झेल रहे हैं फुटगेन और बिजली यादव जैसे गरीब परिवार. अब देखना होगा कि कब तक ऐसे सरकारी कर्मचारियों पर गाज गिरती है और इन गरीब लाभुकों को इनका हक मिल पाता है.
(गोड्डा से प्रिंस यादव की रिपोर्ट)
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