बच्चों को ढूंढ रही 11 दिनों से मां की आंखें, बांधे हुए है उम्मीद का पुल.. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी अंश-अंशिका के घर
रांची के धुर्वा से लापता हुए दो मासूमों का झारखंड पुलिस बीते 11 दिनों से कोई पता नहीं लगा सकी है. पुलिस द्वारा देशभर के 439 NGO से बच्चों की तलाश को लेकर मदद मांगी जा रही है. वहीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी बच्चों के माता-पिता से मुलाकात की और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाया.

JHARKHAND (RANCHI): धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता बच्चों अंश और अंशिका की तलाश युद्धस्तर पर जारी है. सोमवार को एडीजी मनोज कौशिक ने मामले की समीक्षा की. रांची पुलिस के द्वारा अब तक गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए क्या कार्रवाई की गई है, एडीजी ने इसकी पूरी जानकारी ली.

देश के 439 एनजीओ व संस्थाओं के साथ बैठक
गौरतलब है कि रांची पुलिस के 50 अधिकारी लापता बच्चों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं. पड़ोसी राज्यों से भी पुलिस संपर्क कर बच्चों की तलाश में जुटी है. मामले को लेकर जिले के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने देश के 430 एनजीओ और बच्चों के सरंक्षण से जुड़ी संस्थाओं के साथ बैठक की. इस दौरान सभी संस्थाओं से बच्चों की तलाश में सहयोग की अपील की गई. साथ ही देश में लापता बच्चों की तलाश में सबसे बेहतर काम करने वाले लोगों की लिस्ट मांगी गई. सभी एनजीओ को देश भर में लापता बच्चों की जानकारी फैलाने और तलाश करने को कहा गया. बच्चों की जानकारी देने पर रांची पुलिस द्वारा 2 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की भी जानकारी दी गई.

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाये सवाल
इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी आज 11वें दिन अंश और अंशिका के माता-पिता से मिलने पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया और स्वयं डीजीपी से बात कर मामले में तेजी लाने को कहा. मौसीबाड़ी में पत्रकारों से बात करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने घटना पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन ने काफी देर से मामला दर्ज किया गया. कार्रवाई भी तुरंत नहीं हो पाई. यह काफी दुखद है. हम अपने स्तर से इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जल्द ही कुछ खुलासा होगा. मामले को लेकर एसआईटी की टीम गठित की गई है. वह अपना काम कर रही है. उम्मीद है कि बच्चे सकुशल अपने माता-पिता के पास पहुंच जाएंगे.

पूरे राज्य में लोग बच्चों के लापता होने से हैं व्यथित : संजय सेठ
वहीं इस पूरे मामले पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने चिंता जताते हुए कहा कि पूरे राज्य में लोग बच्चों के लापता होने से व्यथित हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की बरामदगी को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. मंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि बस यही प्रार्थना है कि दोनों बच्चे सकुशल मिल जाएं, यही हम पहाड़ी बाबा से कामना करते हैं.

बच्चों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को मिलेगा दो लाख रुपये का इनाम
फिलहाल, परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है और हर किसी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है. जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से लापता अंश और अंशिका को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस मामले को लेकर न सिर्फ शहर बल्कि अब देशभर में सियासत भी तेज हो गई है. विपक्ष लगातार इसे लेकर सवाल उठा रहा है, तो वहीं पुलिस-प्रशासन ने बच्चों की तलाश तेज कर दी है. पुलिस की ओर से बच्चों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को दो लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही कई टीमें बनाकर संभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है.
रिपोर्ट: राजेश कुमार, कमल कुमार









