कैंसर को मात दी, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौधरी
नितिन चौधरी वर्ष 2024 से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने बीमारी का मजबूती से सामना किया और इलाज के बाद कैंसर को मात देने में भी सफलता हासिल की। हालांकि इसके बाद उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगी

Ranchi: वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौधरी का निधन हो गया है। लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे नितिन चौधरी के निधन की खबर मिलते ही रांची समेत पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मी, दोस्त और शुभचिंतक इस खबर से बेहद दुखी हैं।
नितिन चौधरी वर्ष 2024 से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने बीमारी का मजबूती से सामना किया और इलाज के बाद कैंसर को मात देने में भी सफलता हासिल की। हालांकि इसके बाद उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगी। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और पत्रकारिता से अपना जुड़ाव बनाए रखा।
कुछ महीने पहले ही उन्होंने अपने सहकर्मियों से बातचीत में बताया था कि वह ठीक हो चुके हैं, हालांकि आंखों में थोड़ी परेशानी बनी हुई है। उनकी इस बात से साथियों को भी उम्मीद थी कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से सक्रिय पत्रकारिता में लौटेंगे।
देवघर से शुरू हुआ था पत्रकारिता का सफर
नितिन चौधरी ने वर्ष 2010 में PKMS से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर के देवघर संस्करण से की। वर्ष 2012 में वह रांची पहुंचे और दैनिक भास्कर से जुड़ गए। इसके बाद लंबे समय तक उन्होंने दैनिक भास्कर में अपनी सेवाएं दीं।
पत्रकारिता के दौरान रेलवे से जुड़ी खबरों पर उनकी खास पकड़ थी। रेलवे से संबंधित कई महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय स्तर की खबरें उन्होंने रांची से ही ब्रेक की थीं।
बीमारी के बीच भी नहीं छोड़ा काम
नितिन चौधरी अपने मेहनती और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। साथियों के बीच उनका व्यवहार बेहद सहयोगी था। जरूरतमंद लोगों और अपने सहकर्मियों की मदद के लिए वह हमेशा आगे रहते थे।
बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने आखिरी दौर तक पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी।
AIIMS में चल रहा था इलाज
नितिन चौधरी का इलाज दिल्ली स्थित AIIMS में चल रहा था। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए AIIMS ले जाया गया था। उनके साथी और शुभचिंतक उनके जल्द स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनके निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
उनके निधन को पत्रकारिता जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। सहकर्मियों ने उन्हें जुझारू, मेहनती और मददगार पत्रकार बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उनके जाने से पत्रकारिता जगत ने एक समर्पित पत्रकार के साथ-साथ एक अच्छे इंसान को भी खो दिया है।
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