इंडो-नेपाल बॉर्डर पर मानव तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, प्रेम जाल में फंसी नाबालिग का सुरक्षित रेस्क्यू
आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया. पिछले 7–8 महीनों से दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत हो रही थी. करीब तीन दिन पहले युवक उसे घर से भगाकर नेपाल ले गया, जहां उसे एक किराए के मकान में रखा गया.

Motihari / Bihar (Report By- Pratik Singh): भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मैत्री ब्रिज के पास सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश विफल कर दी गई. AHTU, SSB और 47वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने नियमित जांच के दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक संदिग्ध युवक को रोका, जिसके साथ एक नाबालिग लड़की भी थी.
प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने अपना नाम साहिल अंसारी बताया, जो पूर्वी चम्पारण जिले के हरसिद्धि का निवासी है. लड़की भी उसी इलाके की रहने वाली पाई गई. हालांकि पूछताछ के दौरान युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और बार-बार अपने बयान बदलकर टीम को गुमराह करने का प्रयास करता रहा. इससे संदेह गहराने पर टीम ने तुरंत नाबालिग लड़की को अपने संरक्षण में ले लिया.
महिला सुरक्षाकर्मियों द्वारा प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, स्वच्छ रक्सौल संस्था और जन जागरण संस्था के सहयोग से लड़की की काउंसलिंग कराई गई. शुरुआत में वह आरोपी द्वारा सिखाई गई बातें दोहराती रही, लेकिन लगातार समझाने और विश्वास दिलाने के बाद उसने पूरी सच्चाई उजागर कर दी.
पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया. पिछले 7–8 महीनों से दोनों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत हो रही थी. करीब तीन दिन पहले युवक उसे घर से भगाकर नेपाल ले गया, जहां उसे एक किराए के मकान में रखा गया. घटना के दिन वह उसे अहमदाबाद, गुजरात ले जाने की तैयारी में था.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने लड़की पर मानसिक और सामाजिक प्रभाव डालने की कोशिश की थी, जिससे वह उसके झांसे में पूरी तरह आ जाए. इधर, पीड़िता के परिजनों ने घटना की जानकारी मिलते ही हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 222/26, दिनांक 20 अप्रैल 2026) दर्ज करा दी थी और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी.
संयुक्त टीम की तत्परता, सूझबूझ और समय पर की गई कार्रवाई के कारण नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और एक संभावित मानव तस्करी की बड़ी घटना को टाल दिया गया. रेस्क्यू के बाद आरोपी और पीड़िता को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए हरैया थाना, रक्सौल को सौंप दिया गया है, जहां मामले की गहन जांच जारी है.
इस पूरे ऑपरेशन में AHTU की टीम औऱ SSB 47वीं वाहिनी के जवानों के साथ-साथ प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, स्वच्छ रक्सौल संस्था और जन जागरण संस्था के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सक्रियता से एक नाबालिग की जिंदगी सुरक्षित बचाई जा सकी.
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