मुंगेर में डीजे और घोड़ा नाच के साथ निकाली गई अनोखी शव यात्रा, बनी चर्चा का विषय
बिहार की एक शव यात्रा हाल ही में चर्चा का विषय बन गई. दरअसल 95 वर्षीय वृद्ध महिला का निधन हो गया. उनके बेटे के अनुसार उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली जाए. अंतत: उनकी इच्छा को शिरोधार्य रखा गया.

BIHAR (MUNGER): मौत एक ऐसी घटना है, जो किसी दुश्मन को भी पीड़ा से भर देती है और वह इसे लेकर शोक मनाता है. लेकिन बिहार के मुंगेर जिले में मौत पर मातम नहीं, लोग अनोखे अंदाज में खुशियां मनाते दिखे. जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.
वैसे तो अंतिम संस्कार के वक्त शव यात्रा में बैंड पार्टी या बाजा बजाकर श्मशान घाट तक लोगों को जाते आपने देखा होगा, लेकिन मुंगेर में एक अनोखी शव यात्रा को देख हर कोई हैरान था. 95 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत पर उसके पुत्र की ओर से पांच किलोमीटर की शव यात्रा निकाली गई.
इस दौरान डीजे की धुन पर जमकर भोजपुरी और फूहड़ गीत बजाये गये. इतना ही नहीं, रास्ते में लालू यादव और तेजस्वी यादव के ऊपर गाये गए भोजपुरी गीत, लालू यादव डरलौ ना तेजस्वी ना डरतौ गे, तेजस्वी के बिना सुधार ना होई, हो सुधार ना होई, लालू बिना चालू ई बिहार ना होई सहित अन्य फूहड़ भोजपुरी गीत बजाते हुए जा रहे थे. शव यात्रा में शामिल लोग इसी धुन पर रास्ते में नाचते हुए जा रहे थे. आधा दर्जन की संख्या में घोड़े मंगाये गये थे. शव के आगे डीजे और बीच में घोड़े को भोजपुरी गीतों पर नचाया जा रहा था.
बेटे ने कहा- मां की इच्छा पूरी की
नगर निगम क्षेत्र के 43 नंबर वार्ड हेरु दियारा निवासी मृतक के पुत्र जोगीन्द्र यादव ने बताया कि 95 वर्षीय मां बुधिया देवी का निधन गुरुवार की शाम हृदयगति रुकने से हो गया था. वह अपने पीछे 6 पुत्र सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गईं.
वहीं घोड़े नचाने के साथ डीजे पर भोजपुरी गीत बजाए जाने के सवाल पर बेटे ने बताया कि मां की इच्छा पूरी की गई है. इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के लोग जहां कई तरह की बातें कर रहे हैं. वहीं इस कृत्य ने बदलते दौर में मानवीय संवेदना और सोच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.








