पूर्व विधायक जननायक महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर उमड़ी भीड़, लाल झंडे से पटा रहा सभा स्थल
भूतपूर्व विधायक महेंद्र सिंह का 21वां शहादत दिवस शुक्रवार को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया. राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचराया ने कहा कि महेंद्र सिंह की आवाज हमेशा गरीबों और शोषित वर्ग के पक्ष में गरजता आया है.

JHARKHAND (GIRIDIH): किसानों और मजदूरों में जननायक शब्द से परिचित भूतपूर्व विधायक महेंद्र सिंह का 21वां शहादत दिवस शुक्रवार को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया. लाल झंडे से जहां गिरिडीह के बगोदर का कोना-कोना पटा हुआ था. वही भूतपूर्व विधायक के शहादत दिवस में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर, पूर्व विधायक और महेंद्र सिंह के बेटे बिनोद सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार यादव के साथ, पूर्ण महतो समेत हजारों की संख्या में माले कार्यकर्त्ताओं का जुटान सबसे पहले उनके पैतृक गांव खम्भरा में हुआ. जहां उनकी प्रतिमा पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया.

इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचराया ने कहा कि महेंद्र सिंह कि आवाज हमेशा गरीबों और शोषित वर्ग के पक्ष में गरजता आया है. उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह हमेशा से जनता के बीच नायक की भूमिका में रहे. उन्होंने जी-रामजी अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि महेंद्र सिंह के जैसे ही माले सरकार के खिलाफ और जनता की आवास बन विरोध करता रहेगा.

वही उनके बेटे और पूर्व विधायक बिनोद सिंह ने कहा महेंद्र सिंह जिनका कोई नहीं सुनता था, उनकी आवाज महेंद्र सिंह सुना करते थे. उन्होंने समाज की शांति के विपरीत कार्य करने वाले धर्म गुरुओं पर शिकंजा कसने की भी बात कही. उन्होंने मोदी सरकार पर धावा बोलते हुए कहा कि जीरामजी योजना के जरिए कॉर्पोरेट सेक्टर को फायदा देने का काम किया जा रहा है. उन्होंने हेमंत सोरेन के खिलाफ भी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि हेमंत सरकार द्वारा पेंशन बंद कर जनता के साथ ज्यादती की जा रही है.

इस दौरान जुलूस वापस आने पर पूरा सभा स्थल लाल झंडे से पटा हुआ था और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी जमकर की गई.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू









