अडानी कोल माइंस की जनसुनवाई के दौरान बवाल, पंडाल में घुसकर मारपीट, लाखों की तोड़-फोड़
हजारीबाग में आयोजित जनसुनवाई दो गुटों में मारपीट के कारण बवाल में तब्दील हो गई. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों के एक समूह ने दूसरे गुट पर हमला कर दिया. जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई.

Jharkhand (Hazaribagh): हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत गोंडलपूरा गांव में प्रस्तावित निजी कोल कंपनी (अडानी कोल माइंस) के लिए 20 जनवरी को बड़कागांव हाइ स्कूल मैदान में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों के एक समूह ने दूसरे गुट पर हमला कर दिया. हमले के दौरान अफरातफरी मच गई. जनसुनवाई का विरोध कर रहे लोगों के कारण माहौल हिंसक हो गया.

अज्ञात उपद्रवियों ने की तोड़फोड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारी संख्या में भाला, तीर, हसुआ जैसे पारंपरिक और धारदार हथियारों से लैस उपद्रवी ट्रैक्टरों में सवार होकर जनसुनवाई स्थल पर पहुंचे और सीधे पंडाल में घुस गए. इनमें से अधिकतर लोगों ने चेहरे ढके थे, उन्होंने मास्क, मफलर और हेलमेट भी पहन रखा था. पूर्व नियोजित तरीके से लोगों ने वहां मौजूद रैयतों और ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान महिलाओं तक को नहीं बख्शा गया और उन्हें भी पीटा गया, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई.

उद्देश्य जनसुनवाई बाधित करना
इनका स्पष्ट उद्देश्य जनसुनवाई की प्रक्रिया को बाधित करना था. हिंसा के दौरान पंडाल में व्यापक तोड़फोड़ की गई, सैकड़ों कुर्सियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं तहस-नहस हो गईं. प्रारंभिक आकलन में लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है.

प्रशासन ने दिलाया भरोसा
मौके पर मौजूद प्रशासन और सुरक्षा बल के जवानों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया. बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाद हालात काबू में आए. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
रिपोर्ट: इंद्रजीत कुमार गिरि









